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स्वच्छ सर्वेक्षण : आबादी के हिसाब से सफाई कर्मचारी न संसाधन, गिर रही स्वच्छता रैंकिंग

Wed, 08 Jan 2025 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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मेडिकल कॉलेज की जमीन के सामने फैला कचरा। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। पिछले तीन वर्षों से शहर की स्वच्छता रैंकिंग में गिरावट आ रही है। इस गिरावट को रोकना नगर परिषद के लिए चुनौती बन गया है। नगर परिषद के पास आबादी के हिसाब से न तो सफाई कर्मचारी हैं और न नहीं पर्याप्त संसाधन। इसका असर इस बार की स्वच्छता रैंकिंग पर पड़ सकता है।
मौजूदा समय में नगर परिषद ने शहर की सफाई के लिए दो एजेंसियों को ठेका दिया हुआ है, वहीं, नगर परिषद के 192 कर्मचारी भी प्रतिदिन झाड़ू उठाकर सफाई करते हैं। शहर से प्रतिदिन 120 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। जिसे निस्तारण के लिए बकरियांवाली स्थित कचरा निस्तारण प्लांट में भेजा जाता है।
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आबादी की बात करें तो शहर की जनसंख्या दो लाख 11 हजार है। शहर में कुल 32 वार्ड हैं। नियमानुसार नगर परिषद के पास 650 कर्मचारी होने चाहिए। एजेंसी से लेकर नगर परिषद के कर्मचारियों की गणना की जाए तो 419 कर्मचारी होते हैं। इनमें 40 से 45 कर्मचारी अधिकारियों व नेताओं की कोठियों पर नजर आते हैं।

इसका विरोध विधायक से लेकर नगर परिषद की कर्मचारी यूनियन कई बार चुकी है। इसके बाद भी इन कर्मचारियों को आज तक नहीं बुलाया गया है। कर्मचारियों की कमी का परिणाम है कि स्वच्छ सर्वेक्षण में पिछले तीन सालों से रैंकिंग में गिरावट दर्ज की जा रही है। अहम बात यह है कि सफाई व्यवस्था हो, शौचालय व्यवस्था हो, जागरूकता हो और पार्क व ग्रीन बेल्ट हो सभी को एजेंसियों व सोसायटियों को सौंपने के बाद भी स्वच्छता का स्तर निम्न बना हुआ है।

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यह है जानना जरूरी है

शहर की आबादी : 211000

प्रतिदिन कचरा निकलता है : 120 एमटी



- नगर परिषद के कुल कर्मचारी : 192

- अनुबंधित कर्मचारी : 57





ठेका : डिंग मैनपॉवर एजेंसी

कार्य - शहर में सफाई करना

कुल कर्मचारी : 135

ट्रैक्टर ट्राॅली : 3





पूजा वेस्ट मैनेजमेंट एजेंसी

कार्य : डोर टू डोर कचरे का उठान व निस्तारण करना।



कर्मचारी : 92



टाटा एस : 35



लोडर : 9

डंफर : 2



स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर यह करने होते हैं मुख्य कार्य



- स्कूलों, कॉलेज व विश्वविद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाना।



- टीमें बनाकर बाजारों में व्यापारियों को गीले व सूखे कचरे की जानकारी देना।



- लोगों को कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक करना।



- कचरा निस्तारण प्लांट पर शत प्रतिशत निस्तारण करवाना।



- डंपिंग प्वाइंटों को खत्म करने का कार्य करना।

- पार्कों व ग्रीन बेल्ट आदि को गोद देना।



- घरों से शत प्रतिशत निस्तारण करवाकर कूड़े का उठान करना।



- एसडब्ल्यूएम का डाटा साइट पर अपलोड करवाना।



- ब्लक वेस्ट जनरेटर संस्थाओं की कंपोस्टिंग व्यवस्था बनाना।



- लोगों को होम कंपोस्टिंग के बारे में जागरूक करना।

-

बॉक्स

वर्ष - रैंक

2018 - 291

2019 - 270

2020 - 176

2021 - 238

2022 - 254

2023 - 269

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सफाई कर्मचारियों की संख्या बहुत कम है। सिरसा आबादी को दो लाख से ज्यादा है। नियमानुसार 650 कर्मचारी की है। मौजूदा समय में 192 कर्मचारी है। इनमें से 40 से 45 कर्मचारी कोठियों पर लगे हुए हैं। पूर्व में विधायक ने इन्हें हटाने के आदेश दिए थे। इसका कोई परिणाम सामने नहीं आया है। नगर पालिका कर्मचारी संघ ने भी विरोध किया है। इस बेगार प्रथा को बंद किया जाए। - मनोज अठवाल, प्रधान, नगर पालिका इकाई संघ
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स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर नगर परिषद को लेकर ओर से जागरूकता अभियान चलाया गया है। शहर की सफाई का कार्य दो एजेंसियों और नगर परिषद की टीम मिलकर कर रही है। शहर की सफाई व्यवस्था में बड़े स्तर पर सुधार आया है। - जयवीर सिंह, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद।
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