सिरसा। शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन सोमवार को शहर के मंदिर मां ब्रह्मचारिणी की आराधना से भक्तिमय हो उठे। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी और भक्तों ने मां के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
श्री सालासर धाम मंदिर, बी ब्लॉक स्थित दुर्गा मंदिर सहित अन्य मंदिरों में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा कर माता को भोग लगाया। नवरात्र के चलते शहर में धार्मिक उत्साह का माहौल रहा। वहीं, व्रत और पूजा में फलों की बढ़ती मांग के बीच कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही है।
मंदिरों में श्रद्धालुओं ने मां की प्रतिमा पर जलाभिषेक किया और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की। पुजारी कैलाश शर्मा ने बताया कि नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का विशेष महत्व है। मां ब्रह्मचारिणी को तप, त्याग, संयम और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनकी आराधना से साधक को आत्मबल मिलता है और जीवन की कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति प्राप्त होती है। देवी को तपश्चारिणी, अपर्णा और उमा के नामों से भी जाना जाता है। उनका शांत और सौम्य स्वरूप भक्तों को धैर्य, तपस्या और संयम का संदेश देता है।
250 रुपये किलो तक पहुंचा अनार का भाव
नवरात्र शुरू होते ही बाजारों में फलों की खरीदारी बढ़ गई है। व्रत रखने वाले श्रद्धालु और माता को भोग लगाने वाले लोग केला, सेब, अनार, मौसमी और पपीता सहित विभिन्न फल खरीद रहे हैं। बढ़ती मांग का असर कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है, जिससे ग्राहकों के बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। फल विक्रेता सुभाष ने बताया कि बाजार में केला 80 रुपये प्रति दर्जन, अनार 250 रुपये प्रति किलोग्राम, मौसमी 100 रुपये और पपीता 80 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है। नवरात्र के नौ दिनों में फल व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के प्रमुख आहार होते हैं। इसके अलावा मंदिरों और घरों में पूजा-अर्चना के दौरान भोग लगाने तथा प्रसाद वितरित करने के लिए भी फलों की खरीदारी की जा रही है।