फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirsa News: चूड़ियों से परिवार की जिंदगी संवार रहीं सुमन

Sat, 28 Feb 2026 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
विज्ञापन
सुमन देवी चुड़िया बनाते हुए। स्वयं 
विज्ञापन
नारी नई राह पर: महिलाओं से जुड़े सामान बेचने के लिए की दुकान, लिया था 1 लाख रुपये का लोन
विज्ञापन

फोटो- 61
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं में आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रहीं सुमन देवी अपने हुनर के दम पर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं। वर्ष 2019 में बने ज्योति ग्रुप से जुड़कर उन्होंने चूड़ियां बनाने का कार्य शुरू किया। आज घर पर ही चूड़ियों की दुकान संचालित कर रही हैं।
सुमन देवी ने वर्ष 2019 में चूड़ियां बनाने का कार्य आरंभ किया था। शुरुआत में उन्होंने सीमित संसाधनों के साथ लाख की, सिप की और कांच की चूड़ियां तैयार करनी शुरू कीं। धीरे-धीरे उनके काम की पहचान बढ़ती गई और आसपास के गांवों से भी ऑर्डर मिलने लगे। आज वह विभिन्न डिजाइनों और रंगों में चूड़ियां तैयार करती हैं, जो महिलाओं को काफी पसंद आती हैं।
विज्ञापन

काम को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन से 80 हजार रुपये का लोन लिया हुआ है। इस राशि से उन्होंने कच्चा माल और जरूरी सामान खरीदा, जिससे उत्पादन में वृद्धि हो सकी। सुमन देवी बताती हैं कि शुरुआत में काम चुनौतीपूर्ण था, लेकिन मेहनत और लगन से धीरे-धीरे सब आसान होता गया। उनका कहना है कि यदि महिला ठान ले तो वह हर कठिनाई को पार कर सकती है।
2024 में शुरू किया काम
वर्ष 2024 में सुमन देवी ने अपने घर पर दुकान शुरू की। दुकान में महिलाओं से जुड़ा हर प्रकार का सामान उपलब्ध है। चूड़ियों के साथ-साथ शृंगार सामग्री, हेयर एक्सेसरीज, बिंदी, कंघी, क्लिप, कंगन और अन्य उपयोगी वस्तुएं भी रखी गई हैं। दुकान शुरू करने के लिए उन्होंने 1 लाख रुपये का लोन लिया, जिससे दुकान का सामान और फर्नीचर की व्यवस्था की गई। आज उनकी दुकान गांव की महिलाओं के लिए एक सुविधाजनक केंद्र बन चुकी है।
हर महीने 20 से 25 हजार कमा लेती हैं सुमन
सुमन देवी के पति आसाराम खेती का कार्य करते हैं। खेती से होने वाली आय के साथ सुमन देवी की आमदनी जुड़ने से परिवार की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार आया है। वह हर महीने लगभग 20 से 25 हजार रुपये तक कमा लेती हैं। इस आय से घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरतें आसानी से पूरी हो जाती हैं।
विज्ञापन

अन्य महिलाओं को देती हैं चूड़ियां बनाने का प्रशिक्षण
सुमन देवी केवल स्वयं तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी चूड़ियां बनाने का प्रशिक्षण देती हैं। वह चाहती हैं कि गांव की अन्य महिलाएं भी आत्मनिर्भर बनें और अपने पैरों पर खड़ी हों। उनके पास कई महिलाएं आकर काम सीखती हैं और कुछ महिलाएं घर बैठकर ही उनसे जुड़कर कार्य कर रही हैं। इससे गांव में महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा मिल रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें