बलविंद्र स्वामी
सिरसा। सुभाषचंद्र बोस ने देश की आजादी के लिए जो योगदान दिया वह अविस्मरणीय है। उनकी याद में जिले में लघु सचिवालय के सामने करीब 20 वर्ष पूर्व नेताजी सुभाषचंद्र बोस पार्क बनाया गया था। विडंबना है कि इस पार्क के सामने से रोजाना उच्च अधिकारियों का आवागमन होता है, परंतु इसकी दुर्दशा की तरफ किसी का ध्यान नहीं जाता।
23 जनवरी यानी कल नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती है। उक्त दिन उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी शहादत को नमन किया जाएगा। विडंबना यह है कि उनके नाम पर बने पार्क की कुर्सियां टूटी हुई हैं और घास जली चुकी है। डेढ़ से दो एकड़ में बने पार्क में बच्चों के लिए झूले हैं न बैठने के लिए बैंच है। पार्क की सुरक्षा के लिए बनाई गई दीवारें इतनी छोटी हैं कि उन्हें फांदकर बेसहारा पशु अंदर आ जाते हैं। अतिरिक्त उपायुक्त के घर के ठीक सामने पार्क बना है, लेकिन उच्च अधिकारियों की नजर भी इस बदहाल पार्क की की तरफ नहीं जाती।
जहां पर लगी नेताजी की प्रतिमा, वह जगह भी खस्ताहाल
पार्क में जहां पर फाउंडेशन बनाकर नेताजी की प्रतिमा स्थापित की गई है, वह जगह भी खस्ताहाल हो चुकी है। फाउंडेशन पर लगी टाइलें उखड़ी हुई हैं और रंग उड़ चुका है। इसकी सुध लंबे समय से नहीं ली गई है।
प्रतिमा का होगा माल्यार्पण और फिर आएगी एक साल बाद याद
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 23 जनवरी को है। जिले के राजनेता व प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें याद कर कर्तव्य की इतिश्री कर लेंगे। इस बदहाल पार्क की तरफ किसी की ध्यान नहीं है।
पार्क की बदहाल स्थिति
- पार्क में तीन-तीन पानी के नल लगे हुए हैं, फिर भी घास जल चुकी है।
- पार्क की दीवार काफी छोटी है और वो भी चारों तरफ से खस्ताहाल हो चुकी है।
- पार्क में लोगों के बैठने के लिए बनाए गए सीमेंट की बैंच टूट चुके हैं।
- पार्क में स्वच्छता का अभाव है।
- नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा वाले चबूतरे की टाइलें टूटी हुई हैं।
सभी पार्कों की सफाई करवाई जा रही है। सुभाष चंद्र बोस पार्क की भी सफाई और मरम्मत जल्द करवाई जाएगी। -जयवीर सिंह, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद सिरसा
लघु सचिवालय के समक्ष बने सुभाष चंद्र बोस पार्क के अगर बैंच कुर्सियां टूटी पड़ी हैं तो उन्हें जल्द बदलवा दिया जाएगा। इसके अलावा और जो भी जो कमियां हैं वहां पर उनको भी ठीक करवा दिया जाएगा। -अनिल मोहिल, एसडीओ, नगर परिषद सिरसा।