फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लघु सचिवालय व कुल सचिव को ज्ञापन सौंपने जा रहे एबीवीपी कार्यकर्ताओं की पुलिस व सुरक्षा कर्मचारियों के साथ बहस

विज्ञापन
विज्ञापन
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शुक्रवार को विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर एडीसी उत्तम सिंह व चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार (कुलसचिव) राकेश वधवा को 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र देनेे से पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की लघु सचिवालय में पुलिसकर्मियों व विश्वविद्यालय में सुरक्षाकर्मियों से जमकर बहसबाजी हुई।
विज्ञापन

सीडीएलयू में जैसे ही कुलसचिव विद्यार्थियों की बात सुनने आए तो वे सीडीएलयू प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। कुलसचिव बोले - अगर विवि प्रशासन मुर्दा है तो तुम्हारी बात कैसे सुनेगा। इस पर विद्यार्थी बोले - हम आपका भाषण सुनने नहीं आए, समस्या बताने आए हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि अगर ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए विवि प्रशासन जल्द ही कोई गाइडलाइन जारी नहीं करता है तो सभी विद्यार्थी तीन सितंबर को होनी वाली परीक्षाओेें का बहिष्कार करेंगे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने विद्यार्थियों की मांगों व तीन सितंबर से शुरू होने वाली परीक्षाओं की गाइडलाइन स्पष्ट न होने व विद्यार्थियों के हक में न होने के चलते लघु सचिवालय व विश्वविद्यालय में नारेबाजी की। एबीवीपी के बैनर तले सुबह करीब 11 बजे विद्यार्थी विश्वविद्यालय से नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। उन्होंने ज्ञापन सौंपने के लिए एडीसी को नीचे बुलाना चाहा, लेकिन ज्ञापन लेने तहसीलदार श्रीनिवास मौके पर पहुंचे। विद्यार्थियों ने कहा कि वे यह ज्ञापन केवल उच्चाधिकारी को ही सौंपेंगे। जिस पर तहसीलदार बोले कि वे नीचे नहीं आ सकते, कोई पांच लोग ऊपर जाकर ज्ञापन दे सकते हैं। जिस पर सहमति जताते हुए पांच विद्यार्थियों ने जाकर एडीसी को ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन

इस मौके पर विद्यार्थी परिषद से सीडीएलयू अध्यक्ष साहिल कांगड़ा, जिला संयोजक यादव, एसएसडीसी योजक सुरेंद्र, नगर मंत्री चंदन सोनी, नगर मंत्री रवि, विक्की गेदर, कमल रेलन मौजूद थे।
सुरक्षा कर्मचारियों ने किया विद्यार्थियों को रोकने का प्रयास
विद्यार्थी नारेबाजी करते हुए सीडीएलयू के वीसी को ज्ञापन सौंपने पहुंचे। विद्यार्थी जैसे ही विश्वविद्यालय में दाखिले होने लगे तो सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकना चाहा। विद्यार्थियों ने इसका विरोध किया और अवरोधक हटाकर अंदर घुस गए। विद्यार्थियों की भीड़ आती देख वीसी कार्यालय के सुरक्षाकर्मियों ने गेट बंद करने का प्रयास किया। इस दौरान एबीवीपी के प्रांत विश्वविद्यालय संयोजक सुमित मेहता व विभाग संयोजक रोहित शर्मा की सुरक्षाकर्मियों के साथ खींचतान हुई। सुरक्षाकर्मियों ने अंदर से गेट बंद कर विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं करने दिया।
विद्यार्थी बोले- हम भाषण सुनने नहीं आए, समस्या बताने आए हैं
कुलसचिव ने विद्यार्थियों की समस्या सुनीं। विद्यार्थियों का कहना था कि ऑनलाइन मोड में परीक्षा लेने के लिए सीडीएलयू ने स्पष्ट गाइडलाइन नहीं जारी की। परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को क्या समस्या होगी, इस पर गौर किया जाए। विद्यार्थी मांग पत्र देने आए हैं, सुरक्षाकर्मी इन्हें सामाजिक दूरी बनाकर मास्क पहनने को बोल रहे थे, लेकिन हॉस्टल में आए विद्यार्थियों की जांच तक नहीं हुई। कुलसचिव बोले - मैं बीते वीरवार से छुट्टी पर था। शाम चार बजे उच्च अधिकारियों के साथ बैैठक है। जिसमें परीक्षा से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कुलसचिव को मांग पत्र सौंपते हुए कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो मंगलवार से एबीवीपी आंदोलन करेगी।
ये थीं मांगें
सीडीएलयू की ऑफलाइन परीक्षा की तिथि बढ़ाई जाए, ऑनलाइन परीक्षा के लिए सही गाइडलाइन का एक नोटिस जारी किया जाए। पिछले वर्ष बढ़ाई गई फीस की बकाया राशि वापस दी जाए। अभिभावकों को शिक्षा शुल्क किस्तों में जमा कराने की सुविधा दी जाए। अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षा से संबंधित समस्याओं को दूर किया जाए। बीते मार्च में ही देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाले अधिकतर छात्र परिसरों से अपने घर चले गए थे, इसलिए उनके छात्रावास और मेस का शुल्क उन्हें वापस दिया जाए। विद्यार्थी कंटेनमेंट जोन या रेड जोन से आएगा, उनको परीक्षा की अनुमति नहीं दी जाए, इसलिए उनके लिए अलग व्यवस्था उसी दिन की जाए या उससे आगामी समय में परीक्षा ली जाए। री-अपीयर विद्यार्थियों के लिए किसी भी नोटिफिकेशन में स्थिति स्पष्ट नहीं की गई, इसलिए इस स्थिति को स्पष्ट किया जाए व इस बात का ध्यान रखा जाए कि किसी भी विद्यार्थी का एक वर्ष खराब न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें