चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी (सीडीएलयू) की ओर से घोषित खराब परीक्षा परिणाम से गुस्साए राजकीय महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने बृहस्पतिवार को कक्षाओं का बहिष्कार कर शहर में जोरदार प्रदर्शन किया।
विद्यार्थी उत्तरपुस्तिकाओं के दोबारा मूल्यांकन की मांग करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 9 पर सड़क के बीचों-बीच लेट गए। बाद में जब पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की चेतावनी दी तो एक घंटे बाद यातायात बहाल हुआ।
विद्यार्थियों का आरोप है कि सैकड़ों होनहार विद्यार्थियों को फेल कर दिया गया है। वहीं, सीडीएलयू में भी डबवाली के विद्यार्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इससे पहले मंगलवार और बुधवार को सीडीएलयू में छात्राएं जमकर हंगामा कर चुकी हैं।
बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे राजकीय महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया। महाविद्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़कर विद्यार्थियों ने सीडीएलयू के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी मुख्य बाजार, कॉलोनी रोड और चौटाला रोड से होते हुए गोल चौक पर पहुंचे।
उन्होंने करीब सवा दस बजे गोल चौक के निकट नेशनल हाईवे को जाम किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी सड़क पर लेट गए। सूचना पाकर शहर थाना प्रभारी भारतेंद्र कुमार ढिल्लों, एसआई सूबे सिंह यादव और एसआई राजेंद्र यादव के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
हाईवे पर एक घंटे प्रदर्शन
तहसीलदार परमजीत सिंह चहल ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत करके उन्हें शांत करवाया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे उनकी मांग को जिला उपायुक्त की माध्यम से यूनिवर्सिटी के कुलपति तक पहुंचाएंगे।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि 23 मार्च तक वे कक्षाओं का बहिष्कार रखेंगे। यूनिवर्सिटी ने उपरोक्त मामले पर संज्ञान नहीं लिया तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
हिंदी और इतिहास विषय में आई जीरो
विद्यार्थी जगदीप सिंह, आशीष शर्मा, रजत, अमनदीप, मनदीप सिंह, बृजलाल और जश्नदीप ने बताया कि यूनिवर्सिटी का रिजल्ट बेहद खराब रहा है।
हिंदी और इतिहास जैसे विषय में भी जीरो आई है जो किसी भी हालत में मुमकिन नहीं है। विद्यार्थियों के अनुसार दोबारा उत्तरपुस्तिका की जांच करवाने पर 500 और रीअपीयर की परीक्षा देने पर 750 रुपये फीस है।
ऐसा लगता है कि यूनिवर्सिटी पैसा कमाने के लिए जानबूझकर विद्यार्थियों को फेल कर रही है।
हिंदी और इतिहास जैसे विषय में अव्वल दर्जे के छात्रों की जीरो आई है। ऐसा होना संभव नहीं है। चूंकि वही विद्यार्थी अन्य विषयों में 70 से 80 अंक ले रहे हैं। कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जिन बच्चों ने 70 नंबर का पेपर दिया था, उनके 78 नंबर लगे हुए हैं।
- उषा भट्टी और अंजलि सचदेवा, लेक्चरर, राजकीय महाविद्यालय, डबवाली
पास को फेल दिखा रही यूनिवर्सिटी
रिजल्ट इतना खराब नहीं हो सकता। यूनिवर्सिटी को दोबारा उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन करवाना चाहिए। फिलहाल यूनिवर्सिटी ने कॉलेज का रिजल्ट नहीं भेजा है।
विद्यार्थी इंटरनेट के माध्यम से यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर रिजल्ट चेक कर रहे हैं। कुछ ऐसे विद्यार्थी भी आ रहे हैं जिन्हें पूर्व में दी परीक्षा में पास की जगह फेल दिखा दिया गया है, जबकि पास होने की डीएमसी उनके पास है। वे भी यूनिवर्सिटी से बात कर रहे हैं।