सीडीएलयू में सोमवार को दिनभर हंगामें की स्थिति बनी रही, व्हाइट फ्लैग छात्र संगठन 21 जनवरी से पीजी और 27 जनवरी को होने वाली यूजी की परीक्षाओं को फरवरी अंत में करवाने की मांग कर रहे थे, जबकि दूसरी ओर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की छात्र इकाई निर्धारित समय पर ही परीक्षा करवाने की मांग को लेकर धरना दे रही थी। वहीं लॉ की छात्राएं भी निर्धारित शेड्यूल पर ही परीक्षाएं करवाने की मांग कर रही थीं। वीसी अजमेर सिंह मलिक बाहर आए और छात्र संगठनों के इस रवैये पर नाराजगी जाहिर की। वीसी ने कहा कि वाइस चांसलर से सड़क पर तू तड़ाक करना प्रभावी नहीं है। हाथ जोड़ता हूं, परीक्षाएं निर्धारित समय पर होने दें।
सोमवार को सीडीएलयू छात्र संघ के प्रधान सुमित मईया, व्हाइट फ्लैग छात्र संगठन के फाउंडर कर्ण कसवां और वीरेंद्र न्यौल के नेतृत्व में छात्र करीब 11 बजे वीसी कार्यालय पर प्रदर्शन करने के पहुंचे। सुरक्षा कर्मचारियों ने एडम ब्लॉक को जाने वाला गेट बंद कर दिया। इसके बाद छात्र वीसी कार्यालय के प्रवेश द्वार पर पहुंचे, लेकिन उन्हें सुरक्षा कर्मचारियों ने रोक दिया। छात्रों ने जोर आजमाइश करके गेट खुलवा लिया और वीसी कार्यालय पर पहुंच गए। छात्रों ने वीसी कार्यालय में प्रवेश करने का प्रयास किया तो सुरक्षा कर्मचारियों ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान एक शीशा टूट गया। मामले की सूचना मिलने पर डीएसपी आर्यन चौधरी और सिविल लाइन एसएचओ जितेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। डीएसपी ने छात्रों को रोका और प्रो. उमेद सिंह ने आकर छात्रों को समझाया।
छात्र नेता सुमित मईया, वीरेंद्र न्योल, कर्ण कसवां ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा 21 जनवरी से पीजी और 27 जनवरी से यूजी की परीक्षाएं करवाई जा रही हैं, जबकि दूसरे विश्वविद्यालयों में परीक्षाएं बाद में हैं। छात्रों का पाठ्यक्रम पूरा नहीं हुआ और विश्वविद्यालय परीक्षाएं आयोजित करवा रहा है। छात्र वीसी को बाहर आकर ज्ञापन लेने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुलतान सिंह ने छात्रों से ज्ञापन लिया। परीक्षा नियंत्रक ने आश्वासन दिया कि वीसी ने उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। इसकी घोषणा के बाद व्हाइट फ्लैग छात्र संगठन के सदस्यों ने खुशी जताई।
एबीवीपी की छात्र इकाई भड़की, अंदर जाने का किया प्रयास
व्हाइट फ्लैग छात्र संगठन को परीक्षाओं के शेड्यूल में बदलाव का आश्वासन देने के साथ ही दूसरी ओर धरने पर बैठे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की छात्र इकाई ने भी नाराजगी जाहिर की। एबीवीपी के छात्र अंदर वीसी से मिलने की मांग करने लगे। तभी गेट पर सुरक्षा कर्मचारियों ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान एबीवीपी के छात्र नेता सुमित कुमार की सुरक्षा कर्मचारियों के साथ गहमागहमी हो गई। छात्र और सुरक्षा कर्मचारी तैश में आ गए। डीएसपी आर्यन चौधरी ने उन्हें रोका। इसके बाद वीसी अजमेर सिंह मलिक बाहर आए और अखिल भारतीय छात्र परिषद के इस रवैये पर नाराजगी जाहिर की। तभी लॉ की छात्राएं ज्योति, अनीता, साक्षी, मुस्कान, प्रिया, कमल ने कहा कि परीक्षाएं निर्धारित समय पर ही होनी चाहिए। वे कक्षाएं शुरू होने से ही तैयारी में जुटी हैं। साथ ही हॉस्टल का खर्च भी उठा रही हैं। परीक्षाएं देरी से होती हैं तो उन्हें नुकसान होगा। इसलिए लॉ की परीक्षाएं निर्धारित समय पर ही हों। छात्रा ज्योति अभी बोल ही रही थी तो एबीवीपी छात्र नेता रोहित ने उसे बोलने से रोकने का प्रयास किया, तभी वीसी अजमेर सिंह मलिक ने उन्हें डांटा।
वीसी ने छात्र संगठनों के रवैये पर जताई नाराजगी
वीसी अजमेर सिंह मलिक ने पहले व्हाइट फ्लैग संगठन और फिर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के रवैये पर नाराजगी जाहिर की। वीसी ने छात्र नेता रोहित को कहा कि मैंने पहले कहा था कि एक्रेडेशन की प्रॉब्लम है। इसलिए पेपर होने दें। मैं हाथ जोड़कर कह रहा हूं पेपर होने दो। एबीवीपी सरकार का प्रतिनिधित्व करती है। आप वीसी के साथ सड़क पर तू तड़ाक करोगे और वो प्रभावी न रहे तो मैं भी तीन साल काटकर चला जाऊंगा, लेकिन यदि आप मेरा साथ दोगे तो विश्वविद्यालय की रैंकिंग को बेहतर किया जा सकेगा। निर्णय हो चुका है, हाथ जोड़ता हूं कि परीक्षाएं समय पर होने दो, नियमानुसार सभी काम किए जाएंगे। वीसी ने छात्रों के इस रवैये पर नाराजगी जाहिर की। हालांकि बाद में वीसी ने छात्र नेता रोहित को गले भी लगाया।
परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर सुल्तान सिंह को ज्ञापन सौंपते व्हाइट फ्लैग छात्र संगठन के नेता।- फोटो : Sirsa