संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। एक तरफ मौसम में बदलाव हो रहा, दूसरी तरफ प्रदूषण का स्तर भी बढ़ने लगा है। जिले में शनिवार रात के बाद रविवार अलसुबह तक धुएं की एक लेयर देखने को मिली। प्रदूषण बढ़ने का सबसे मुख्य कारण किसानों द्वारा खेतों में पराली जलाने से हैं। जिले में रविवार को नौ स्थानों पर पराली जलाने के मामले में सामने आए। पराली जलने की सूचना मिलने के बाद विभाग की टीमों ने मौके का निरीक्षण किया और रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट तैयार करने के बाद सभी किसानों पर जुर्माना लगाया गया।
अधिकारियों के अनुसार रविवार को ओढां के देसू मलकाना, हस्सू, सिरसा के झोरड़नाली में दो, डबवाली के जोगेवाला में एक, बडागुढ़ा के रोड़ी में दो, ओढां के तख्तमले में एक बडागुढ़ा के सुरतिया में एक पराली जलाई गई है। इन सभी लोकेशन के आधार पर मौका निरीक्षण किया गया और आगामी कार्रवाई अमल में लाई गई है। जिले में अब तक हरसेक ने 28 स्थानों पर पराली जलने की लोकेशन भेजी है। इनमें से 18 स्थानाें की लोकेशन सही पाई गई है, जबकि 10 जगह की लोकेशन गलत पाई गई है। जिला प्रशासन की ओर से लगातार लोगों को पराली न जलाने को लेकर जागरूक किया जा रहा है। इसके बाद भी किसान धान की पराली को आग के हवाले कर रहे हैं।
शनिवार को आया था एक मामला
शनिवार को रानियां में पराली जलाने का मामला सामने आया था। रानियां में किसान गुरमेज सिंह निवासी कुत्ताबढ़ पर धान की पराली को आग लगाने को लेकर मामला दर्ज किया गया है। अगर एक सप्ताह के वायु प्रदूषण के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो धीरे-धीरे इसमें इजाफा हो रहा है। भले ही किसान बड़े स्तर पर पराली नहीं जला रहे है, लेकिन चोरी छिपे जो पराली जलाई जा रही है उससे काफी हद तक पर्यावरण पर असर पड़ रहा है।
एक सप्ताह में पीएम 10 और कार्बन की हवा में स्थि
23 अक्तूबर
प्रदूषण का स्तर 100
हवा में पीएम 10 - 80 अधिकतम , न्यूनतम 40
हवा में कार्बन - 38 अधिकतम , न्यूनतम 14
24 अक्तूबर
प्रदूषण का स्तर - 105
- हवा में पीएम 10 - 77 अधिकतम , न्यूनतम 45
- हवा में कार्बन - 48 अधिकतम , न्यूनतम 22
25 अक्तूबर
प्रदूषण स्तर 77
-हवा में पीएम 10 - 84 अधिकतम , न्यूनतम 44
- हवा में कार्बन - 44 अधिकतम , न्यूनतम 22
26 अक्तूबर
प्रदूषण का स्तर - 114
-हवा में पीएम 10 - 147 अधिकतम , न्यूनतम 61
- हवा में कार्बन - 50 अधिकतम , न्यूनतम 18
27 अक्तूबर
प्रदूषण का स्तर - 106
-हवा में पीएम 10 - 135 अधिकतम , न्यूनतम 75
- हवा में कार्बन - 59 अधिकतम , न्यूनतम 24
28 अक्तूबर
प्रदूषण का स्तर - 115
-हवा में पीएम 10 - 121 अधिकतम , न्यूनतम 59
- हवा में कार्बन - 63 अधिकतम , न्यूनतम 230
29 अक्तूबर
प्रदूषण का स्तर - 153
-हवा में पीएम 10 - 161 अधिकतम , न्यूनतम 114
- हवा में कार्बन - 90 अधिकतम , न्यूनतम 36
प्रदूषण का बढ़ता स्तर सांस के रोगियों पर भारी
जिले में बढ़ता प्रदूषण का स्तर लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा परेशानी सांस के रोगियों को है। चिकित्सकों के अनुसार सांस लेने से यह कण फेफड़ों में चले जाते हैं। जिससे खांसी और अस्थमा के दौरे बढ़ सकते हैं। इससे उच्च रक्तचाप, दिल का दौरा, स्ट्रोक और कई गंभीर बीमारियों का खतरा बन जाता हैं। इन कणों का हवा में स्तर बढ़ने का सबसे बुरा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ता है।