सिरसा। रक्षाबंधन का त्योहार भाई बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है। भाई बहन भले ही एक दूसरे से सात समुद्र दूर हो, लेकिन उनके बीच के रिश्ते की डोर कभी कमजोर नहीं होती। रक्षाबंधन का त्योहार उनकी प्रेम की डोर को ओर मजबूत करने का काम करता है। हजारों किलोमीटर दूर बसी बहनें अपने भाई के लिए स्नेह बंधन भेज रही हैं। उनके इस स्नेह का माध्यम बना है डाकघर।
प्रधान डाकपाल ने बताया कि डाकघर में सबसे ज्यादा राखियां ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूएसए, न्यूजीलैंड व जर्मनी से आ रही हैं। शहर के टाउन पार्क के पास स्थित मुख्य डाकघर में आ रहीं राखियों को डाकिया भाइयों तक पहुंचा रहे हैं। रोजाना 15 से 20 डाक विदेशों से सिरसा पहुंच रही हैं। इसके अलावा जेसीडी विद्यापीठ में स्थित डाकघर में देश के अन्य राज्यों महाराष्ट्र, पंजाब, यूपी, एमपी, ओडिशा, राजस्थान से भी भाइयों के लिए राखियां और बहनों के लिए उपहार पहुंच रहे हैं। डिंग मंडी निवासी गुरुविक्रम ने बताया कि उसकी बहन कनाडा में रहती है। पर्व पर इतनी दूर से उसके लिए आना मुश्किल हुआ तो उसने स्नेह के प्रतीक राखी को डाक के माध्यम से भेजा। वहीं सिरसा के शक्तिनगर वासी दलजीत सिंह की बहन ने ऑस्ट्रेलिया व प्रेम नगर से आशु की बहन ने जर्मनी से राखी भेजी है।
घर की बनी पिन्नी भेज रहे रिश्तेदारों को
सिरसा से घर में बनी पिन्नी का क्रेज भी कम नहीं है। इन दिनों घर पर बनी पिन्नियां अपने रिश्तेदारों और बच्चों को भेज रहे हैं। जेसीडी स्थित डाकघर के उप डाकपाल मुकेश शर्मा ने बताया कि पूरे सालभर लोग विदेशों में अपने स्वजनों को कुछ न कुछ भेजते रहते हैं, लेकिन इन दिनों त्योहारी सीजन में सिरसा के लोग विदेशों में पिन्नियां भी खूब भेज रहे हैं। इसके अलावा राखी पर भाई अपनी बहनों के लिए पार्सल से उपहार भेज रहे हैं। एक दिन में इस डाकघर से करीब 20 पार्सल भेजे जा रहे हैं।
वर्जन
मुख्य डाकघर में इस समय यूएसए, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी व न्यूजीलैंड से सबसे अधिक राखियां आ रही हैं। रोजाना 15 से 20 राखियां विदेश से आ रही हैं। जिसे डाकघर के पोस्टमैन समय पर पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
- नवीन अदलखा, डाकपाल प्रधान, मुख्य डाकघर सिरसा।