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आढ़तियों ने अनाज मंडी के गेट पर ताला लगाकर दिया धरना

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धरना लगाकर विरोध प्रदर्शन करते आढ़ती। - फोटो : Sirsa
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आढ़तियों ने बुधवार को फसलों का भुगतान न होने और गेहूं का उठान न होने से मंडी गेट पर ताला जड़ दिया। डीएफएससी की ओर से धान की बकाया दामी और लेबर न मिलने के कारण एकत्रित होकर मार्केट कमेटी में धरना लगाकर सरकार, मार्केट कमेटी और खरीद अधिकारियों के खिलाफ नारेेबाजी कर रोष प्रदर्शन किया। इसके अलावा उन्होंने अनाज मंडी के गेटों को ताला लगाकर रोष मार्च निकालते हुए अपनी दुकानें बंद कर सहयोग करने का आह्वान किया। लेकिन इस दौरान उन्होंने सामाजिक दूरी और मास्क लगाने का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा।
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आढ़तियों प्रदीप जैन, विनोद मित्तल, महेंद्र जैन, कविश, ओमप्रकाश, विनोद कुमार, पवन व कई अन्यों ने बताया कि मंडियों में गेहूं का उठान और पेमेंट न होने कारण समस्या बनी हुई है। एक तरफ जहां आढ़तियों को सरकार की ओर से भुगतान नहीं हो रहा। वहीं उठान न होने के कारण खुले आसमान के नीचे खराब मौसम में गेहूं के लाखों कट्टे पड़े हुए हैं। आढ़तियों का कहना है कि सरकार ने इस सीजन में आढ़तियों के साथ भद्दा मजाक किया गया है। पहले तो निजी बैंक में अलग खाता खुलवाने का नियम बनाया। इसके बाद जब आढ़तियों ने बैंक में अकाउंट खुलवा लिया तो अब ई-खरीद पोर्टल से देने वाली ऑनलाइन पेमेंट नहीं दी जा रही है। इसको सरकार की नीति और नियत साफ नहीं हैं। खरीद एजेंसियों की ओर से 24 अप्रैल के बाद कोई पेमेंट नहीं की गई है।
सरकार की इस नीति के कारण किसान व आढ़ती दोनों दुविधा में है। उन्होंने बताया कि मार्केट कमेटी कालांवाली के अंतर्गत बनाई गई करीब 26 खरीद केंद्रों पर खराब मौसम में खुले आसमान के नीचे पड़े लाखों बैगों की कोई भी जिम्मेदारी न लेकर आढ़तियों पर थोप रहे हैं। इसके अलावा डीएफएससी की ओर से खरीदे गए धान की आढ़तियों को दी जाने वाली करीब एक करोड़ 9 लाख रुपये की दामी व लेबर अभी तक पेंडिंग है। जिसके चलते आढ़ती पैसे-पैसे को मोहताज हो चुके हैं। लेकिन सरकार आढ़तियों की सुनने की बजाय उनको खत्म करने पर तुली हुई है। जिस पर मार्केट कमेटी के उठान के लिए खरीद एजेंसी हैफेड को नोटिस निकालने और हैफेड मैनेजर मुकेश कुमार की ओर से 5 मई तक की पेमेंट जल्द करवाने के आश्वासन पर आढ़ती मान गए और धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
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गेहूं का उठान सही हो रहा है, लगभग 60 प्रतिशत तक गेहूं का उठान हो चुका है। इसके अलावा गेहूं की 5 मई तक की पेमेंट जल्द ही डलवा दी जाएगी।
- मुकेश कुमार, मैनेजर, हैफेड कालांवाली।
लॉकडाउन के दौरान कोई भी धरना-प्रदर्शन नहीं कर सकता। यदि ऐसा हो रहा है तो वे अभी कार्रवाई करवाते है। वहीं उन्होंने आढ़तियों की पेमेंट जल्द दिलवाने और गेहूं का उठान तीव्र करवाने के आदेश दे देते है।
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- निर्मल नागर, एसडीएम कालांवाली
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