गांव फूलकां में सौ एकड़ पंचायती भूमि पर पट्टेदारों को कब्जा दिलाने शनिवार सुबह दस बजे प्रशासनिक अमला भारी पुलिस के साथ पहुंचा।
इस दौरान तनाव की स्थिति बनी रही। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर मामला सुलझाने की बात कही, लेकिन पट्टेदार कब्जा लेने की बात पर अड़े रहे।
बाद में एसडीएम ने पट्टेदारों को सुरक्षा उपलब्ध करवाकर कब्जा दिलाने के आदेश पुलिस को दिए। आसपास मौजूद भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने गोशाला को घेर लिया और हथियारों से लैस पुलिसबल को सड़क पर तैनात किया गया।
करीब साढ़े तीन घंटे तक चली कार्रवाई में पुलिस ने पंचायत की सौ एकड़ जमीन पर बीज रखी फसल पर ट्र्रैक्टर चला दिया। पूरे मामले की वीडियोग्राफी भी करवाई गई।
कार्रवाई के बाद प्रशासनिक अमला वापस लौट गया, वहीं संभावित तनाव की स्थिति से निपटने के लिए डीएसपी आधा घंटा और गांव में ही डटे रहे। प्रशासन की ओर से एसडीएम, तहसीलदार, डीआरओ, बीडीओ मौके पर मौजूद रहे।
पुलिस ने रोका ग्रामीणों का रास्ता
गोशाला में खड़ी लोगों की भीड़ को पास ही खेतों में कब्जा ले रहे पट्टेदारों की तरफ बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने गोशाला को घेर लिया।
साथ ही सड़क पर भारी संख्या में हथियारों से लैस पुलिसबल तैनात कर गुस्साए ग्रामीणों को खेतों की तरफ बढ़ने से रोका।
पुलिस ने मौके पर गोशाला के आगे किसी भी स्थिति से निपटने के लिए वज्र, महिला पुलिस और एंबुलेंस की तैनाती कर दी। इसके अलावा आंसू गैस के गोले छोड़ने के लिए भी पुलिस ने तैयारी कर रखी थी।
गोशाला की गाय छोड़ने का प्रयास
प्रशासन की कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने गुस्से में आकर गोशाला से गायों को निकालना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि इसी पंचायती जमीन से गोशाला का खर्चा निकलता था अब इन गायों को रखने का क्या फायदा।
डीएसपी धर्मवीर ने ग्रामीणों को समझाया, तो वे गोशाला से बाहर गाय न छोड़ने पर राजी हुए। डीएसपी ने कहा कि प्रशासन का काम कब्जा दिलाना है। इसके बाद तो आप लोगों को ही यहां रहना है। बीच का रास्ता निकालकर ही मसला हल हो सकता है।
एसडीएम को वादा किया था
गुस्साए ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने एसडीएम परमजीत सिंह चहल से वादा किया है कि वे हिंसा नहीं करेंगे। इसलिए पुलिस को घबराने की जरूरत नहीं है वे किसी प्रकार की हिंसा नहीं करेंगे।
गांव के लोगों ने कहा कि प्रशासन को जो करना है वे करें, उसके बाद जो उन्हें करना है वे करेंगे। इस प्रशासन ने पट्टेदारों को पंचायती जमीन पर कब्जा दिया और पूरे की विडियोग्राफी करवाई। दूसरी तरफ गोशाला के पक्ष में ग्रामीणों ने पट्टेदारों को हिंदू विरोधी बताकर नारेबाजी की।
तीन घंटे में दिलाया कब्जा
एसडीएम के नेतृत्व में प्रशासन ने साढ़े तीन घंटे में पट्टेदारों को कब्जा दिलवाया। हालांकि, बाद में ग्रामीणों की ओर से किए गए सहयोग पर एसडीएम ने धन्यवाद किया और प्रशासनिक अमले के साथ लौट गए। वहीं, डीएसपी कुछ देर गांव में ही रहे और आधे घंटे बाद वे भी लौट गए।