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गुरुद्वारा निर्माण के लिए घर कब्जाने पर तनाव

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 गुरुद्वारा निर्माण के नाम पर शमशाबाद पट्टी में 20 सालों से रह रहे एक परिवार को घर से बेघर करने वाले ग्रामीणों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही, प्रशासन ने घर को सील कर दिया है। इस मौके पर पटवारी रामचंद्र, सरपंच रामनंद और थाना प्रभारी मौजी राम मौजूद रहे। अब कोर्ट के फैसले के बाद ही प्रशासन सील खोलेगा। इससे गांव में तनाव का माहौल है।
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ग्रामीणों ने रविवार सुबह विवादित स्थल पर अखंड पाठ का भोग डाला। इस दौरान भारी पुलिस बल और दमकल की गाड़ियां मौके पर तैनात कर दी गई। घर को सीलबंद करने से पहले वहां रह रहे सुखराज को वहां पड़ा सामान उठाकर ले जाने के कहा गया। बेघर परिवार के सदस्य सामान उठाकर अपने परिचित के यहां जाने को निकल गए। सुखराज, उसकी पत्नी और बच्चों की आंखों में सामान उठाते समय आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।

बिजली का बिल भी आता है सुखराज के नाम
बेघर सुखराज ने बताया कि उसके पूर्वज करीब 40 साल पहले इस भूमि पर घर बनाकर रहने लगे थे। पिता सरदूल सिंह पुत्र राम सिंह की मौत हो जाने के बाद वह अपनी पत्नी सुरखीत कौर, पुत्री लवप्रीत कौर और रमनदीप कौर के साथ 20 साल से यहां रह रहा था। सालों से बिजली कनेक्शन उसके नाम से घर पर लगा है। उसने बताया कि इस शमशाबाद पट्टी क्षेत्र मेें रहने वाले सभी लोग कब्जा करके रह रहे हैं। सुखराज ने आरोप लगाया कि सरपंच रामानंद ने अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर उसके घर की जमीन पर गुरुद्वारा बनाने की बात करने लगे। सभी ने एकजुट होकर शुक्रवार को उसके घर पर धावा बोल दिया। उस समय वह घर में मौजूद नहीं था, लेकिन पत्नी और बच्चे घर पर ही थे। ग्रामीणों ने उन्हें मारपीट करके घर से निकाल दिया और सामान भी बाहर फेंक दिया। बेघर करने के बाद ग्रामीणों ने उसके घर पर श्री गुरुग्रंथ साहिब जी का पाठ शुरू कर दिया। प्रशासन ने उसके घर को सीलबंद कर दिया है। उसने आरोप लगाया कि ग्रामीणों ने जब सामान फेंका तो किसी ने उनकी अलमारी से 20 हजार रुपये और सोने व चांदी के गहने भी चुरा लिए।
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इनके खिलाफ दर्ज हुआ मामला
शहर थाना पुलिस ने सुखराज सिंह के घर पर धावा बोलकर सामान बाहर फेंकने के आरोप में आठ नामजद और अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ धारा 147/149/323/452/427/506/34 के तहत केस दर्ज किया है। जिनके नाम एफआईआर में हैं, उसमें संदीप पुत्र इकबाल, गोल्डी, राज सिंह, गुरमीत कौर, हरजिंद्र सिंह, अमरजीत, वीरो बाई और घीरो देवी शामिल है।

पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा नहीं
सुखराज का कहना है कि पूरा गांव उसके परिवार के खिलाफ है। इसके चलते उसे व उसके परिवार को ग्रामीणों से जान का खतरा बना हुआ है। मामला दर्ज होने के बाद तो खतरा और भी बढ़ गया है, लेकिन पुलिस ने उसके परिवार की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं किया है।
 
यह है ग्रामीणों का तर्क
शमशाबाद पट्टी में 40 साल पहले हरिजन चौपाल बनी थी। इस जगह पर सरदूल सिंह पुत्र राम सिंह निवासी अलीगढ़ ने कब्जा कर लिया। सरदूल सिंह की मौत होने के बाद उसका बेटा सुखराज पिछले करीब आठ-दस सालों से चौपाल में रह रहा था। कब्जा छुड़वाने के लिए ग्रामीणाें ने बीडीपीओ को 25 अप्रैल 2014 को शिकायत दी थी। ग्रामीणों ने बताया कि वे इसका कई बार विरोध कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। शुक्रवार शाम चौपाल से कब्जा हटवाने को ग्रामीण एकत्रित हो गए। ग्रामीणाें ने सुखराज के परिवार का सारा सामान जबरन बाहर निकाल दिया और यहां पर श्री गुरुग्रंथ साहिब जी का प्रकाश कर दिया।
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फोटो विवरण: 08एसआईआरपी-17- शमशाबाद पट्टी में घटनास्थल पर तैनात पुलिस बल
फोटो विवरण: 08एसआईआरपी-18- शमशाबाद पट्टी में घर से बाहर फेंका गया सामान
फोटो विवरण: 08एसआईआरपी-19- बेघर परिवार अपने बच्चों सहित सामान उठा कर ले जाते हुए।
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