सिरसा। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मादक पदार्थ तस्करी मामले में स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी मनीष की जमानत रद्द कर दी थी। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता मनीष को हाईकोर्ट डिस्पेंसरी वेलफेयर फंड में एक सप्ताह के भीतर 10 हजार रुपये जमा करने का आदेश दिया है।
न्यायाधीश राजेश भारद्वाज ने आदेश में कहा है कि यदि याचिकाकर्ता इस आदेश की प्रति मिलने की तारीख से 10 दिनों के भीतर संबंधित ट्रायल कोर्ट में प्रस्तुत होता है। लागत राशि की रसीद के साथ जमानत के लिए आवेदन करता है तो ट्रायल कोर्ट को उसे अपनी संतुष्टि के अनुसार जमानत पर रिहा करना होगा। आदेश की प्रति मिलने की तारीख से 10 दिनों तक याचिकाकर्ता मनीष गिरफ्तारी से सुरक्षित रहेगा।
मनीष निवासी गांव सावंत खेड़ा ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में बताया गया कि 6 जुलाई 2022 को शहर थाना डबवाली में उसके खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई थी। 23 दिसंबर 2025 को ट्रायल कोर्ट ने जमानत रद्द कर दी।
अधिवक्ता ने कहा कि मनीष नियमित रूप से ट्रायल कोर्ट में उपस्थित रहता था लेकिन उसने 23 के बजाय 24 दिसंबर की सुनवाई की तारीख नोट कर ली। इसलिए वह ट्रायल कोर्ट में उपस्थित नहीं हो सका। जमानत रद्द कर दी गई और गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया। मनीष की अनुपस्थिति जानबूझकर नहीं थी। वह ट्रायल कोर्ट में उपस्थित होने के लिए तैयार है। संवाद