हरियाणा के सिरसा में स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के निलंबित सिपाही अजीत सिंह को पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण ने बर्खास्त कर दिया है। आरोपी अजीत सिंह के खिलाफ 9 अगस्त को सिविल लाइन थाना पुलिस ने भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की थी। विजिलेंस के डीआईजी शिवचरण शर्मा की ओर से की गई जांच में अजीत सिंह के खाद घोटाले के आरोपियों से 6.40 लाख रुपये रिश्वत लेने की बात सामने आई थी।
सिविल लाइन थाना पुलिस के पास भेजी रिपोर्ट में डीआईजी की ओर से बताया गया था कि स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के महानिदेशक को एक गुमनाम शिकायत मिली थी। यह शिकायत सिरसा विजिलेंस ब्यूरो के सिपाही अजीत के खिलाफ भेजी गई। विजिलेंस ब्यूरो को एक ऑडियो रिकार्डिंग भी मिली।
इसमें खाद घोटाले की छह मार्च 2008 से जांच के आरोपियों से छह लाख 40 हजार रुपये अजीत सिंह द्वारा लेने और सात माह बाद राशि न लौटाने का मामला सामने आया। पहले आरोपियों ने मना कर दिया, लेकिन ब्यूरो ने उन्हें दोबारा जांच में शामिल किया तो सामने आया कि रिश्वत की राशि सात माह बाद वापस दे दी गई जोकि भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत आता है।
ब्यूरो के पास आई शिकायत में बताया गया कि अजीत सिंह ने खाद घोटाले व अन्य ठेकेदारों को विजिलेंस का भय दिखाकर राशि एकत्रित की और फिर राष्ट्रीय राजमार्ग नौ के समीप चार कनाल तीन मरले जमीन खरीद ली। सिरसा पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण का कहना है कि निलंबित सिपाही अजीत सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है।ना है कि निलंबित सिपाही अजीत सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है।