सिरसा नाथूसरी चोपटा ब्लॉक के गांव लुदेसर में सेमग्रस्त भूमि को सुधारने के लिए लगाए गए सोलर ट्यूबवेल किसानों के लिए राहत बनने के बजाय परेशानी का सबब बन गए हैं। किसानों का आरोप है कि एक-दो ट्यूबवेल को छोड़कर अधिकांश ट्यूबवेल बंद पड़े हैं। वहीं, जो टयूबवल चालू हालत में हैं, उनकी पाइपलाइन जगह-जगह से लीक हो रही हैं। इससे उपजाऊ भूमि भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में भूमि संरक्षण विभाग को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। किसानों के अनुसार एक ही आठ इंच की पाइपलाइन से तीन से पांच ट्यूबवेल जोड़ दिए गए हैं, जिसके कारण पानी की निकासी सही तरीके से नहीं हो पा रही।
नहरों से नीचे होने के कारण नहीं चढ़ पाता पानी
किसानों ने बताया कि जिन स्थानों पर सोलर ट्यूबवेल लगाए गए हैं वे बरूवाली नहर और नौहर फीडर से करीब 20 फीट नीचे स्थित हैं। इन ट्यूबवेलों का पानी पाइपलाइन के माध्यम से दोनों नहरों के ऊपर से ले जाकर सेम नाले में छोड़ा गया है। इतनी ऊंचाई तक पानी पहुंचाने में सोलर पंप सक्षम नहीं हैं।
उपायुक्त से करवाई निष्पक्ष जांच की मांग
किसान सुनील गाट, चरण सिंह, राजेश जाखड़, रजनीश, सुधीर, छोटूराम और संतलाल सहित अन्य किसानों ने उपायुक्त से मांग की है कि लुदेसर गांव की सेम उन्मूलन व्यवस्था की निष्पक्ष जांच करवाई जाए तथा दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
खराब पड़ी व्यवस्थाओं को ठीक करने के लिए एस्टीमेट बनाकर भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू किया जाएगा। जहां भी तकनीकी समस्या है, उसका निरीक्षण करवाकर समाधान किया जाएगा।- विजय कुमार, भूमि संरक्षण अधिकारी सिरसा