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स्वास्थ्य के साथ दुर्घटना का सबब बनने लगा आसमान में छाया स्मॉग

Sat, 05 Nov 2016 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सिरसा
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Smog - फोटो : Bureau
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दीपावली के बाद आसमान में छाया स्मॉग शुक्रवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। स्मॉग के कारण जहां लोगों में स्वास्थ्य संबंधी तकलीफें बढ़ रही हैं तो वहीं होने के साथ-साथ आंखों में भी एलर्जी की समस्या देखने को मिल रही है। दमे के रोगियों की संख्या अस्पतालों में बढ़ने लगी है। चिकित्सकों का मानना है कि कुछ दिन और ऐसा ही मौसम रहा तो स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसानकारी साबित होगा।
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स्मॉग दुर्घटना का भी सबब बनने लगा है, जिसका उदाहरण बीते दिन रात्रि गांव ढूकड़ा के पास कार नहर में गिरने से एक महिला की मौत हो गई थी। इसके अलावा भी सड़कों पर छिटपुट घटनाएं हुई हैं जो आसमान में छाए धुएं के कारण घटित हुई हैं। हालांकि वीरवार को को इसका असर पूर्व की अपेक्षा कुछ कम दिखा, लेकिन शुक्रवार को स्थिति भिन्न दिखाई दी। जिस कारण वाहन चालकों को दिन में हैड लाइट व इंडीकेटर जलाकर गंतव्य स्थानों पर जाता देखा गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगर किसान पराली न जलाएं तो ये स्मॉग हवा के साथ धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा, लेकिन किसान अपने मतलब के लिए ऐसा कर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

पूर्व में इसे दीपावली के पटाखों का कारण माना जा रहा था, लेकिन वास्तव में ये पटाखों का प्रदूषण न होकर किसानों द्वारा जलाई गई पराली का असर है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार ये आसमान में छाया ये धुआं पटाखों से ज्यादा पराली जलाने के कारण हुआ है। सूत्रों के अनुसार प्रतिबंध होने के बावजूद भी जिला में किसान गाहे-बगाहे पराली जलाने से गुरेज नहीं कर रहे। पराली जलाने से उत्पन्न हुए इस धुएं के चलते एक तिहाई हवा प्रदूषण की गिरफ्त में है। पूरा प्रदेश स्मॉग की चपेट में है तो वहीं दिल्ली जैसे महानगरों में तो ये स्थिति है कि वहां स्मॉग व वाहनों का प्रदूषण मिलकर वहां की हवा को ओर प्रदूषित कर दिया है। स्मॉग के कारण दिल्ली, गुरुग्राम व नोएडा आदि क्षेत्रों में तो कुछ स्कूलों में अवकाश करनेे के भी समाचार प्राप्त हुए हैं तो वहीं कई महानगरों में लोग मास्क पहने हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि इस विषय में विशेषज्ञों की अलग-अलग राय है, लेकिन हिसार एचयू के अनुसार छह या सात नवंबर को हवा का दौर चल सकता है जिस कारण लोगों को इससे राहत मिल सकती है।
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ  
एचएयू के मौसम विशेषज्ञ डॉ. राज सिंह ने कहा देखिए जब तक लोग पराली जलाने से गुरेज नहीं करते तब तक स्पष्ट रूप से तो कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन 6 या 7 नवंबर को हवा चलने के कारण इसमें राहत मिल सकती है। आगामी दो तीन दिन तक स्मॉग का असर रह सकता है।
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