सिरसा। जिले के मेडिकल स्टोर संचालकों में बुधवार को हड़कंप मचा रहा। जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विशेष रूप से अभियान चलाते हुए 29 मेडिकल स्टोर की जांच की। इसमें 20 मेडिकल स्टोर पर दस्तावेज में खामियां देखने को मिली। इसके बाद जिला ड्रग्स अधिकारी केशव वशिष्ठ ने सभी को नोटिस जारी किया है।
सूचना के आधार पर सूचीबद्ध तरीके से जिला ड्रग्स विभाग की टीम ने 29 मेडिकल स्टोर पर छापे मारे थे। सिरसा जोन के एसडीसी ललित गोयल के नेतृत्व में छह औषधि नियंत्रण अधिकारियों की टीम ने गांव सिंहपुरा, गंगा, अबूबशहर, चौटाला, सक्ताखेड़ा, मलिकपुरा, बुढ़ीमेड़ी, दड़बी, भावदीन के साथ-साथ सिरसा में विभिन्न स्थानों पर छापे मारे।
यहां किसी भी प्रकार की नशे में प्रयोग होने वाली दवाएं बरामद नहीं हुईं। 20 मेडिकल स्टोरों में कुछ खामियां देखने को मिलीं। डीसीओ केशव वशिष्ठ ने बताया कि रिपोर्ट मिलने के बाद वरिष्ठ औषधि नियंत्रण अधिकारी-सह-लाइसेंसिंग प्राधिकारी, सिरसा जोन द्वारा औषधि नियमों के तहत कार्रवाई की गई है। इसी आधार पर नोटिस दिए गए हैं।
शादियों के सीजन का बनाया बहाना
मेडिकल स्टोर संचालकों में ड्रग्स विभाग की कार्रवाई का डर बना रहता है। पूर्व में हुई कार्रवाई के बाद मेडिकल स्टोर संचालक चौकन्ने रहने लगे हैं। ऐसे में बुधवार को हुई औचक कार्रवाई के दौरान अधिकतर मेडिकल स्टोर संचालक स्टोर में नहीं थे। अटेंडेंट ही मेडिकल स्टोर संभाल रहे थे। सभी ने अलग-अलग बहाने बनाए, अधिकतर ने शादी समारोह में बाहर जाने का बहाना बनाया। मौजूदा समय में शादी का सीजन चलने के चलते यह कारगर साबित हुआ।
जहां सामने आईं मेडिकल नशे की घटनाएं, वहीं मारा छापा
विभाग के अधिकारियों ने उन एरिया के मेडिकल स्टोर की जांच की जिन एरिया में मेडिकल नशे के कारण मौत या अन्य मामले सामने आए हैं। इन्हीं मामलों के आधार पर गांव सिंहपुरा, गांव गंगा, अबूबशहर, चौटाला, सक्ताखेड़ा, मलिकपुरा, बुढ़ीमेड़ी, दड़बी, भावदीन में छापे मारे हैं। गांव गंगा, अबूबशहर, सिंहपुरा में मेडिकल नशे से मौत के कई मामले पिछले दिनों सामने आ चुके हैं। इसके अतिरिक्त ग्रामीणों ने भी अपना विरोध जताकर प्रशासन से नशा बेचने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों पर कार्रवाई की मांग की थी।