संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पराली के धुएं और धुंध की चादर ने वीरवार सुबह सिरसा को अपने आगोश में ले लिया। सुबह चारों ओर स्मॉग के साथ घनी धुंध छाई रही। इस कारण ग्रामीण क्षेत्र में दृश्यता 10 मीटर के आसपास रही।
जिले के अधिकतम तापमान में दो डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि न्यूनतम तापमान में 1.8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। वीरवार को जिले का अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री व न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह के समय छाई धुंध के चलते सडक़ों पर वाहन रेंगते हुए चले। धुंध से स्कूली बच्चों और कॉलेज के विद्यार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ पड़ी है।
दूसरी ओर ठंड के चलते नागरिक व निजी अस्पतालों में जुकाम, खांसी व दमा के मरीज बढ़ गए हैं। केवल नागरिक अस्पताल में ही प्रतिदिन दमा, खांसी व बुखार से ग्रसित 300 मरीज आ रहे हैं। निजी अस्पतालों में भी उक्त बीमारियों से पीड़ित लोगों की ओपीडी 50 से पार जा रही है। सिविल सर्जन डॉ. एमके भादू का कहना है कि स्मॉग के कारण लोगों को आंखों में जलन, लालपन व खारिश की शिकायत हो रही हैं। हर रोज करीब 100 मरीज नागरिक अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ के पास उपचार के लिए आ रहे हैं। चिकित्सक की ओर से रोगियों को इलाज के साथ मौसम में परहेज के बारे में भी बताया जा रहा है।
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सुबह और शाम की न करें सैर
नागरिक अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. भरत भूषण का कहना है कि प्रदूषित वायु से कई प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं। प्रदूषित वायु स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है, खासकर सांस, दमा व हृदय रोगियों के लिए। पिछले कई दिनों से सिरसा का वातावरण प्रदूषित है। आमजन को सुबह और शाम की सैर करने से परहेज करना चाहिए।
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पंजाब में जलाई जा रही पराली का धुआं सिरसा की फिजा में घुला
सरकार की सख्ती और जिला प्रशासन की सतर्कता के चलते इस बार पराली जलाने के मामलों में पिछले चार सालों के मुकाबले करीब 91 फीसदी की कमी आई है। कृषि विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2021 में पराली जलाने के जहां 640 मामले आए थे, जोकि 2024 में अब तक 58 ही मामले आए हैं, लेकिन पड़ोसी राज्य पंजाब में जलाई जा रही पराली का धुआं सिरसा की फिजा में घुल गया है।
पुलिस अधीक्षक ने अतिरिक्त सावधानी बरतने का आह्वान
एसपी विक्रांत भूषण ने भी वाहन चालकों को धुंध में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि वाहन चालक वाहन के भी इंडिकेटर ऑन करके चलाएं। जहां पर सड़क दिखाई न दे, वहां पर वाहन खड़ा कर दें, ताकि हादसे से बच सकें। हेडलाइट को लो-बीम पर रखें।वाहन के वाइपर दुरुस्त रखें। पार्किंग लाइट का प्रयोग करें। इमरजेंसी नंबर आपके मोबाइल या कार के डैशबोर्ड के अंदर डायरी में जरूर हो।
ये ट्रेन हुईं देरट्रेन समय पहुंची
रेवाड़ी फाजिल्का एक्सप्रेस - सुबह 9:50, सुबह 10: 41 मिनट
धुरी-सिरसा पैसेंजर - सुबह 10: 35 , सुबह 11: 11 मिनट
गोरखधाम सुपरफास्ट - सुबह 10:40 , सुबह 1:28 मिनट
रेवाड़ी- बठिंडा पैसेंजर - दोपहर 2:25 दोपहर 4:09 मिनट
किसार एक्सप्रेस - रात 7:30 मिनट, रात 8:05 मिनट
श्री गंगानगर एक्सप्रेस- शाम 6: 00 , रात 7: 38 मिनट