बीपीएल परिवारों संबंधी गलत सूचियों के कारण प्रधानमंत्री उज्जवला योजना अधर में लटक गई है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग सिरसा के अनुसार सूचियों में करीब पचास फीसदी नाम गलत हैं। ऐसे में कई बीपीएल परिवार हक पाने से वंचित रह जाएंगे।
करीब दो माह पूर्व केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना शुरू की थी। योजना के अनुसार वर्ष 2011 की सामाजिक, आर्थिक जातिय जनगणना के दायरे में आए बीपीएल परिवारों को गैस कनेक्शन दिए जाने हैं। पात्र परिवारों की सूचियां केंद्र सरकार ने ही संबंधित कुकिंग गैस एजेंसियों को उपलब्ध करवाई हैं। लेकिन जैसे-जैसे गैस एजेंसियां इन सूचियों को टटोलती हुई ग्रामीण आंचल में प्रवेश कर रही हैं तो उन्हें परिवार ढूंढने से भी नहीं मिल रहे। एक ही नाम कई बार सूची में दर्ज किया गया है। गांव जोगेवाला, मोडी, लंबी, जंडवाला बिश्नोईयां तथा गंगा में महज एक ही नाम दर्ज है। जिसके चलते अब तक इंडेन की डबवाली गैस सर्विस महज 137 कनेक्शन कर पाई है। जबकि सूचियों को देखें तो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोग हजारों की तादाद में हैं। ऐसे में हजारों बीपीएल परिवार उपरोक्त योजना का लाभ लेने से वंचित हो जाएंगे। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग सिरसा के अनुसार यह समस्या अकेले डबवाली में ही नहीं, बल्कि पूरे जिला में हैं। जिला भर की सूचियों का आंकलन करें तो करीब पचास फीसदी नाम गलत हैं। जिसके चलते 8 सितंबर 2016 तक जिला भर में 5546 कनेक्शन जारी हो सकें हैं।
यह मिलना है लाभ
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत कनेक्शन बीपीएल परिवार की महिला के नाम जारी होगा। सरकार के अनुसार मार्च 2017 तक योजना के अनुसार कनेक्शन दिए जाने हैं। पात्र को सिलेंडर, डीपीआर, सुरक्षा होज, डीजीसीसी, निरीक्षण या स्थापना या दस्तावेजीकरण की सुविधा नि:शुल्क मिलनी है। जबकि चूल्हा तथा प्रथम रिफिल की धनराशि का मूल्य संबंधित उपभोक्ता को वहन करना होगा। इसके लिए संबंधित कंपनी से कर्ज भी ले सकते हैं।
सूचियों में एक ही नाम कई-कई बार दर्ज किया गया है। जिसके चलते एजेंसियों को परेशानी आ रही है। इस मामले के उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा गया है।
-कृष्ण जांगड़ा, एएफएसओ, सिरसा