भाई कन्हैया आश्रम के प्रयास से बच्चों को उनकी मां तीन साल बाद मिल गई। विद्या नाम की महिला 21 दिसंबर 2013 को सिरसा पुलिस को गोशाला रोड पर घूमते हुए मिली। पुलिस कार्रवाई और मेडिकल चेकअप के बाद इसे भाई कन्हैया आश्रम में भेजा गया। विद्या के परिजनों ने आश्रम संचालकों का आभार व्यक्त किया।
आश्रम के सेवादारों की सेवा और डॉ. अमित नारंग के इलाज से विद्या की हालत में धीरे-धीरे सुधार होना शुरू हो गया। उसने बताया कि वो आजमगढ़ की रहने वाली है। वह अपने पति और बच्चों के साथ ट्रेन में जा रही थी। एक स्टेशन पर वह पानी पीने के लिए उतरी। उसे ट्रेन के जाने की आवाज सुनाई नहीं दी, क्योंकि उसे कम सुनता है। उसके बाद वह अलग-अलग शहरों में अपना घर ढूंढते हुए सिरसा आ पहुंची। उसके बताए पते पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। कुछ दिन पहले कृष्ण, जो उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और सिरसा में संजीव जैन एडवोकेट के यहां पिछले 15-20 साल से ड्राइवर हैं, वे आश्रम में आए तो उनके साथ उनका दोस्त जो आजमगढ़ से आया था, उन्होंने विद्या से बातचीत की और उसके घर का पता चल पाया।
आजमगढ़ में संपर्क के बाद अगले ही दिन उसका पति अपने बच्चों के साथ कन्हैया आश्रम में विद्या को लेने आया। विद्या के पति ने बताया कि वह जालंधर में मजदूरी करता है। वे जालंधर से आजमगढ़ को जा रहे थे कि सोनीपत में विद्या पानी पीने के लिए उतरी तो ट्रेन चल पड़ी। उसके बाद हमने विद्या को बहुत ढूंढने की कोशिश की और हमें नहीं मिली। वे तो आस ही छोड़ चुके थे। उन्होंने बताया कि इन तीन सालों में विद्या के दो बेटों की शादी भी हो चुकी है। अब वे विद्या को मिलकर बेहद खुश हैं। उन्होंने भाई कन्हैया आश्रम का धन्यवाद किया। इस मौके पर मुख्य सेवादार गुरविंद्र सिंह, ऋषिपाल जिंदल, राजेश बजाज, गुरशरण सिंह कालड़ा, अर्जुन शर्मा, प्रीतम सिंह, मेघनाथ शर्मा, संजीव जैन आदि उपस्थित थे।