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ड्यूटी करें या लाइन में लगकर पैसे निकलवाएं

Sat, 03 Dec 2016 12:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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सिरसा। सरकारी कर्मचारियों का वेतन बैंक खातों में तो आ गया पर ड्यूटी टाइम के दौरान बैंकों में राशि निकालने कैसे जाएं। अब कर्मचारियों ने छुट्टी लेकर बैंकों की लाइनों में लगने का मन बना लिया है। सभी कार्यालयों में कर्मचारी अपनी-अपनी पेंडिंग छुट्टियों का हिसाब लगाने में लगे हैं। दरअसल बैंकों में राशि आने के बाद एक से दो घंटे में कैश खत्म हो जाता है क्योंकि कैश निकलवाले लोगों की काफी लंबी लाइन होती है। ऐसे में एक व्यक्ति को अपनी बारी के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। कर्मचारियों की नौ से पांच बजे तक अपने कार्यालयों में ड्यूटी रहती है ऐसे में वे राशि कैसे निकलवाएं। सबके सामने यही सवाल है। स्वाभाविक है कि अब कर्मचारी अपनी पेंडिंग छुट्टियों को वेतन निकलवाने में इस्तेमाल करेंगे। सैलरी एक दिसंबर को ही कर्मचारियों के खातों में आई गई थी पर अब तक कर्मचारियों की जेबें हरी नहीं हो पाई हैं।
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नोट बंदी के बाद व्यापारियों, किसानों व आम लोगों के साथ-साथ अब कर्मचारी भी परेशानी में आ गए हैं। एक तारीख को कर्मचारियों के खातों में वेतन की राशि तो आ गई है पर कर्मचारियों की जेबें अभी भी खाली हैं। बैंकों में लगने वाली लंबी लाइनों में लग कर राशि निकालने में कई घंटे लगते हैं। कर्मचारियों को नौ से पांच बजे तक अपनी ड्यूटी पर रहना पड़ता है। ऐसे में वे राशि कैसे निकालें यह सबके समक्ष सवाल है। इस समस्या को देखते हुए कर्मचारियों ने अपनी पेंडिंग छुट्टियों में से बैंकों से वेतन निकलवाने के लिए भी छुट्टी का इस्तेमाल करने का मन बनाया है। हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ के प्रांतीय प्रवक्ता गुरदीप सिंह सैनी ने बताया कि कैश निकलवाने के लिए छुट्टी लेने के सिवाय कोई विकल्प नहीं बचता। कैशलेश ट्रांजेक्शन से बैंकिंग करने की बात पर उन्होंने कहा कि दूध वाला, मकान का किराया, सब्जि और राशन, बच्चों की ट्यूशन फीस, वाहनों की छोटी-मोटी मरम्मत, जेब खर्ची आदि बहुत से ऐसे खर्च होते हैं जहां कैशलेश बैंकिंग प्रेक्टीकल तौर पर संभव नहीं होती। हर कर्मचारी का अपने घर का खर्च का माह में चुकाना पड़ता है। ऐसे में कैश की सख्त जरूरत होती है। इसी प्रकार कर्मचारी भूप सिंह ने कहा कि मुझे इस माह में घर के खर्च के अलावा चार शादियां भुगतानी हैं ऐसे में कैश की जरूरत है। मैं दो दिन की छुट्टी लूंगा एक दिन में कैश मिल पाएगा इस बात की भी कोई गारंटी नहीं है। वैसे भी दिसंबर अंत तक पेंडिंग छुट्टियां नहीं ली तो लैप्स हो जाएंगी। इसी प्रकार अनेक कर्मचारी अब छुट्टियों पर जाने वाले हैं। ऐसे में विभागों में कर्मचारियों की कमी रहेगी जिससे लोगों के कामकाज प्रभावित होंगे।  

60 एटीएम से निकली राशि
शुक्रवार को 60 एटीएम से राशि निकल सकी। इससे पूर्व वीरवार को 52 एटीएम से राशि लोगों द्वारा निकाली जा सकी। हालांकि बैंकों द्वारा 90 प्रतिशत एटीएम चलने की बात कही जा रही है पर जिले में नोट बंदी के बाद अब तक 50 प्रतिशत एटीएम भी चालू नहीं हो पाए हैं। सभी एटीएम चालू हो जाएं तो काफी हद तक लोगों को राहत मिल सकती है।जिले में करीब 150 एटीएम हैं। उधर एसबीआई की मुख्य शाखा में कैश आने पर लोगों को निर्धारित धनराशि दी गई पर भुगतान दो दो हजार के नोट में किया गया। लोग इस नोट को पाकर भी खुश थे कि आखिरकार कुछ तो हाथ लगा। शहर में पांच सौ के नोट की कमी दुकानदारों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। जो एटीएम चालू है वे भी दो दो हजार रुपये के नोट उगल रहे हैं। शहर में पांच कैश वाहन एटीएम में धनराशि डालने में लगे रहे। अंबेडकर चौक स्थित एसबीआई के एटीएम पर नेशनन हाइवे तक कतार लगी रही जिससे कई बार यातायात जाम के हालात बने। पंजाब एंड सिंध बैंक का एटीएम आज तक खुला ही नहीं है।
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दूसरे विकल्प भी हैं
अग्रणी बैंक अधिकारी एमपी शर्मा ने कहा कि एक दम से सभी कर्मचारी अपने पूरे वेतन को नहीं निकालते। जैसे-जैसे उनको जरूरत होती है वैसे-वैसे वे राशि अपने खातों से निकालते हैं। अब कैश की समस्या है तो ऐसे में स्वाइप के जरिए, चैक के जरिए, पेटीएम के जरिये आदि तरीकों से भी काम चला सकते हैं। सभी विभागों के कर्मचारियों को ऑनलाइन बैंकिंग के लिए जागरूक किया जा रहा है। इस विधि से सभी का काम चल सकेगा और कैश की समस्या भी नहीं रहेगी। वैसे भी ऑनलाइन बैंकिंग सभी के लिए कारगर है। 
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