जिले की मंडियों में मंगलवार को गेहूं की आवक शुरू हो गई है। पहले दिन गेहूं में नमी काफी पाई गई इसीलिए खरीद एजेंसियों ने खरीद से हाथ पीछे खींच लिये हैं। एजेंसियों का कहना है कि निर्धारित मापदंडों के अनुसार ही खरीद की जाएगी। नमी के अलावा गेहूं में कचरा हुआ या दाने टूटे हुए होंगे तो भी खरीद नहीं होगी। एजेंसियों ने किसानों से आह्वान किया है कि गेहूं की फसल को सूखने के बाद ही मंडी में लाएं और साफ करके लाएं ताकि खरीद हो सके। हालांकि पहले दिन गेहूं सरकारी रेट पर नहीं बिक सकी।
आज से सिरसा की मंडी में गेहूं की आवक शुरू हो गई है। खरीद के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड, एफसीआई, हरियाणा एग्रो व हरियाणा वेयर हाऊस कार्पोरेशन को जिम्मेवारी सौंपी गई है। सभी एजेंसियां खरीद के लिए तैयार हैं पर अब तक गेहूं की आवक शुरू नहीं हुई। आज जो भी ढेरी आई उसमें नमी काफी थी इस लिए खरीद एजेंसियों ने खरीद नहीं की। हालांकि गेहूं की आवक सही तौर पर 10 अप्रैल के बाद ही हो पाएगी पर खरीद एजेंसियां एक अप्रैल से ही खरीद के लिए तैयार हैं। इस वर्ष जिले में 11 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक होने की उम्मीद जताई जा रही है। जिले में 2,92,000 हेक्टेयर में गेहूं की फसल है।
गत वर्ष भी लगभग इतने ही रकबे में गेहूं की फसल थी और 10.61 लाख मीट्रिक टन आवक रिकॉर्ड की गई थी। आवक की बात करें तो पिछले ढाई दशकों से सिरसा जिला प्रदेश में पहले स्थान पर है। एजेंसियों ने खरीद के मापदंडों के अनुसार खरीद करने के लिए किसानों से आह्वान किया है। एजेंसियों के अनुसार गेहूं में 14 प्रतिशत से अधिक नमी हुई तो खरीद नहीं की जाएगी और 12 से 14 प्रतिशत नमी होने पर रेटों में कटौती होगी। इसके अलावा गेहूं में दाने टूटे होने पर और कचरा मिक्स होने पर भी मापदंडों के अनुसार रेटों में कटौती की जाएगी। इसी लिए किसानों से आह्वान किया जा रहा है कि वे गेहूं को सूखने के बाद और साफ करके ही मंडी में लाएं। अभी पांच से सात दिन और लग जाएंगे आवक को तेजी पकड़ने में।
मंडियों में की तैयारियां
गेहूं के सीजन के मद्देनजर मंडियों व खरीद केंद्रों में उचित प्रबंध कर दिए गए हैं। मार्केट कमेटी की सचिव जयावंती कांसनिया ने बताया कि आवक से पूर्व सफाई, लाइटों, पेयजल आदि की व्यवस्था कर ली गई है। इसके अलावा आढ़तियों को भी खरीद को लेकर निर्देश दे दिए गए हैं। आढ़तियों को बिजली के झरने, लकड़ी के कैरेट, तिरपाल आदि की व्यवस्था करनी होगी। उन्होंने बताया कि मार्च माह में ही बिजली, सीवरेज व अन्य संबंधित विभागों को तैयारी के लिए पत्र लिख दिया गया था। जहां कहीं जरूरत पड़ी तो रिपेयर का काम भी करवाया गया है ताकि सीजन में किसानों को परेशानी न हो। किसानों की सुरक्षा के लिए पुलिस को भी लिखा गया है ताकि सीजन में किसी प्रकार की घटना न घट सके। उन्होंने बताया कि सभी एजेंसियां खरीद के लिए तैयार हैं और किसानों से आह्वान है कि नमी वाली गेहूं मंडी में न लाएं।
प्रति दिन होगी गेहूं की टेस्टिंग
खरीद एजेंसियों द्वारा प्रति दिन गेहूं की टेस्टिंग की जाएगी ताकि निर्धारित मापदंडों पर खरी उतरने वाली ढेरी की ही बोली हो सके। इसके लिए 12 बजे के बाद रोजाना गेहूं के सैंपल भरे जाएंगे। सभी एजेंसियों का जिला प्रशासन के साथ समंवय रहेगा ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसी प्रकार जौं, चना, सरसों की भी सरकारी रेट पर खरीद के लिए जांच होगी। इस बार गेहूं का न्यूलतम समार्थन मूल्य 1525 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है पर यह रेट उसी ढेरी को मिल सकेगा जो मापदंडों पर खरा उतरेगी। खास कर कचरा और नमी से गेहूं के रेट कम हो सकते हैं। मापदंडों के अनुसार गेहूं की नमी 14 प्रतिशत से कम होनी चाहिए, दूसरी फसलों के दाने 5 प्रतिशत से कम हों, मरे और दबे दानों की संख्या 8 प्रतिशत से कम हो। अन्यथा रेट भी कम हो सकते हैं और प्रतिशत के अनुसार गेहूं के तोल में भी बढ़ोतरी की जा सकती है।
एमएसपी से ऊपर रेट में खरीद सकते हैं प्राइवेट व्यापारी
गेहूं की खरीद के चाह्वान प्राइवेट व्यापारी मिनिमम स्पॉट प्राइज से ऊपर बोली देकर गेहूं की खरीद की जा सकती है। 1525 रुपये प्रति क्विंटल तक सरकारी एजेंसियों द्वारा ही खरीद की जाएगी। बता दें कि सरकारी रेट से ऊपर बोली नहीं देते व्यापारी। 15 मई के बाद सरकारी खरीद बंद होने के बाद व्यापारी अपने अनुसार गेहूं का रेट निर्धारित करते हैं।