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संभलकर, चार सप्ताह बंद रहेंगी नहरें, एक समय मिलेगा पीने का पानी

Tue, 05 Apr 2016 01:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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अप्रैल में शहर के लोगों को केवल एक टाइम ही नहरी पानी की आपूर्ति की जा सकेगी। नहरों की बंदी की सूचना के बाद जन स्वास्थ्य विभाग ने नहरी पानी की आपूर्ति देने का शेड्यूल एक टाइम करने का फैसला किया है। विभाग की ओर से स्टॉक किए गए पानी को चार सप्ताह तक बांट कर आपूर्ति के तौर पर देने का शेड्यूल बनाया गया है। इस दौरान ट्यूबवेलों द्वारा आपूर्ति नियमित रूप से जारी रहेगी। मई माह में आपूर्ति पुन: बहाल हो जाएगी।
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जलघरों में स्टॉक पानी से होगी आपूर्ति
अब एक माह तक लोगों को ट्यूबवेलों के पानी से ही गुजारा करना होगा। हालांकि जलघरों में स्टॉक किए गए पानी की आपूर्ति एक टाइम होती रहेगी पर इससे काम चलने वाला नहीं। विभाग ने अब स्टॉक पानी की चार सप्ताह में आपूर्ति देनी है जिसके लिए एक दिन में कितना पानी दिया जा सकता है इसका अंदाजा लगाया जा रहा है। कैनाल बेस्ड पानी की कमी के बाद लोगों को ट्यूबवेलों के अधिक टीडीएस वाले पानी से अपनी प्यास बुझानी होगी। मिनी बाईपास रोड स्थित जल घर, पंजुआना जल घर व चतरगढ़ पट्टी स्थित जल घर के टैंकों में नहरी पानी का स्टॉक किया गया है। शहर के दो लाख 10 हजार लोगों के लिए पेयजल आपूर्ति के लिए ट्यूबवेलों का ही सहारा रहेगा।

क्या कहना है अधिकारी का
 जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता प्रकाशवीर ने बताया कि अब पानी का जितना स्टॉक है उसे एक टाइम आपूर्ति देकर 26 से 27 दिन तक काम चलाया जा सकेगा। उसके बाद भी नहरों में पानी नहीं आया तो केवल ट्यूबवेलों द्वारा ही सप्लाई दी सकेगी। उन्होंने बताया कि ट्यूबवेलों द्वारा दोनों टाइम के अलावा जरूरत पड़ने पर दिन में कभी भी सप्लाई दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि सिंचाई विभाग की ओर से फिलहाल 22 दिन के लिए नहरें बंद रहने की सूचना आई है यह अवधि बढ़ भी सकती है, क्योंकि नहरों की सफाई और मरम्मत का कार्य होना है।
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आठ ट्यूबवेलों का पानी खराब
जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा ट्यूबवेलों के पानी की टेस्टिंग करने के बाद रिपोर्ट में आठ ट्यूबवेलों का पानी पीने लायक नहीं है। इनमें से चार ट्यूबवेलों की सप्लाई तुरंत बंद कर दी गई है जबकि शेष चार की सप्लाई नहरी पानी के साथ मिक्स कर दी जा रही है। विभाग के अनुसार इससे पूर्व में 22 ट्यूबवेलों के पानी की रिपोर्ट में पानी पीने लायक नहीं था पर साल में दो बार टेस्टिंग होती है। दूसरी बार रिपोर्ट में यह संख्या 22 से कम हो कर आठ रही गई क्योंकि 14 ट्यूबवेलों का पानी सेहत के लिए मापदंड से थोड़ा ही अधिक खराब था।

84 ट्यूबवेलों के सहारे रहेगी अप्रैल माह में सप्लाई
नहरें बंद होने के कारण पूरे अप्रैल माह में शहर की पेयजल आपूर्ति ट्यूबवेलों पर ही निर्भर रहेगी। विभाग ने सभी ट्यूबवेलों को तकनीकी जांच भी करवा ली है ताकि अचानक ट्यूबवेल खराब होने से पेयजल किल्लत न हो। नहरी पानी की आपूर्ति के दौरान इन ट्यूबवेलों को जरूरत अनुसार ही चलाया जाता था पर अब नहरों की बंदी के दौरान आपूर्ति की दारमदार इन्हीं ट्यूबवेलों पर रहेगी।


पानी को व्यर्थ बहाने वालों पर भी रहेगी नजर
जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा पेयजल को व्यर्थ बहाने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा। इसके लिए विभाग के कर्मचारी और अधिकारी शहर का भ्रमण करते रहेंगे। जहां कहीं भी कोई पानी को व्यर्थ बहाते हुए पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के तहत जुर्माने का भी प्रावधान है। विभाग ने लोगों से आह्वान भी किया है कि अप्रैल माह में नहरी पानी की कमी रहेगी ऐसे में पानी का सद् उपयोग करें।


200 लाख लीटर पानी की परियोजना के दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू
पंजुआना जल परियोजनाओं के तहत दूसरे चरण में भी 200 लाख लीटर पानी की आपूर्ति रोजाना की जा सकेगी। इसके लिए विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रस्ताव पास होते ही टेंडर हो जाएंगे। उम्मीद है कि दिसंबर 2017 तक यह यूनिट शुरू हो जाएगी। इससे पूर्व पहले चरण के तहत तैयार यूनिट द्वारा शहर को रोजाना 200 लाख लीटर पानी दिए जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
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