सत्संग एक ऐसी जगह है, जहां आने से इंसान को अपने बारे में, इंसानियत के बारे में और सबको बनाने वाले के बारे में पता चलता है। जब तक इंसान इंसानियत को नहीं समझता, तब तक वो मालिक से, आत्मिक शांति से दूर है। वो व्याकुल, परेशान, गमगीन, बीमारी से ग्रस्त, चिंताओं से त्रस्त इधर-उधर भटकता रहता है। अगर आप बेफिक्री की जिंदगी जीना चाहते हो, टेंशन फ्री होना चाहते हो तो सत्संग सुनकर उस पर अमल करो। उक्त उद्गार संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां ने रविवार को शाह सतनाम जी धाम में आयोजित रूहानी मजलिस के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं से कहे। गुरु जी के वचनों को श्रवण करने के लिए विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु पहुंचे। हजारों लोगों ने गुरुमंत्र लेकर बुराइयां त्यागने का संकल्प लिया।
श्रद्धालुओं को अपने पावन वचनों से लाभान्वित करते हुए गुरुजी ने कहा कि सत्संग में सिखाया जाता है, ईश्वर का नाम, सत्संग में असलियत-अमलियत के बारे में बताया जाता है। जो सच्ची भावना से सत्संग सुनता है, उसके जन्मों जन्मों के पाप कर्म कट जाते हैं, दुख-दर्द-टेंशन दूर हो जाते हैं और अंत करण बदल जाता है। गुरु जी ने कहा कि आज का दौर, समय घोर कलियुग का समय है।
लोग अपना उल्लू सीधा करने के लिए, मतलब निकालने के लिए किसी भी हद तक गिर सकते हैं। इस स्वार्थी युग में रिश्ते नाते भी पिस गए हैं, टूट गए हैं। इस स्वार्थी युग में बचने का एकमात्र उपाय है आप सुमिरन करों, सेवा करो और परहित परमार्थ करो। गुरु जी ने कहा कि अपने लिए तो पशु-पक्षी भी जीते हैं, पर हमारे धर्मों में एक ही बात कही गई है। उन्होंने कहा कि खाना, बाल-बच्चे पैदा करना, मकान बनाना इत्यादि सभी कार्य इंसान भी करता है और जीव जंतु भी। फिर किसी मायने में इंसान सर्वश्रेष्ठ है, एक ही तरीका है, एक ही काम इंसान करता है और पशु-पक्षी वो नहीं कर सकते, वह है प्रभु का नाम लेना। पशु-पक्षी चाहकर भी ऐसा नहीं कर सकते, जो मनुष्य करता है और जिससे मोक्ष मुक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि भक्ति करने से आत्म बल-रूहानी ताकत बढ़ती है और आपका, आपके परिवार और समाज का भला हो सकता है।
सत्संग में करवाई 17 शादियां
सत्संग के दौरान सादगी पूर्ण ढंग से 17 शादियां हुईं। गुरु जी ने शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के भलाई फंड से संतरो देवी पत्नी कृष्ण इन्सां निवासी मांडी कलां जींद को इलाज के लिए दो लाख 45 हजार, मक्खन सिंह इन्सां निवासी कोटफत्ता जिला बठिंडा को इलाज के लिए 1 लाख और राजा सिंह निवासी सिलवाला खुर्द जिला हनुमानगढ़ को बेटे की मौत होने पर 50 हजार का चेक आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान किए।
पूज्य गुरुजी ने ‘साथी’ मुहिम के तहत बिक्रमजीत सिंह इन्सां निवासी दानेवाला पंजाब और ललित इन्सां निवासी रोहतक को ट्राइसाइकिलें प्रदान कीं। पूज्य गुरु जी ने ‘आशियाना’ मुहिम के तहत 8 लोगों को साध संगत द्वारा बनाकर दिए गए मकानों की चाबियां प्रदान कीं। इनमें भरपूर कौर विधवा रामकिशन निवासी खंजरवाल (पंजाब), गुरप्रीत कौर पत्नी मनोज कुमार निवासी भंदुड़ी (पंजाब), राजरानी पत्नी स्व. देशराज निवासी चकमहनतां (पंजाब), हरबंस कौर पत्नी स्व. बच्चन सिंह निवासी गोपी नगर ब्लॉक जगराओं (पंजाब), कुलदीप कौर इन्सां पत्नी नायब सिंह निवासी अखाड़ा (पंजाब), जसबीर कौर पत्नी स्व. सोहन सिंह निवासी बड़ागुढ़ा (सिरसा), राजकुमार निवासी ब्राह्मण माजरा (पंजाब) और सुखदेव सिंह निवासी काउकेंकलां (पंजाब) शामिल है।