खराब फसलों के मुआवजे, बिजली के बिलों में कटौती और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करवाने जैसी मांगों को लेकर पिछले 32 दिनों से धरने पर बैठे किसानों को एसडीएम और सीटीएम ने सरकार की ओर से गत दिवस जारी की गई मुआवजा राशि को लेकर आश्वासन देकर धरनास्थल से उठा दिया।
320 करोड़ की मिलेगी राशि
शनिवार को भी रोजाना की भांति 11 किसान दारा सिंह, जगदीश, धर्मपाल, जगा सिंह, सोहना सिंह, रामप्रताप, राजेंद्र, बलविंद्र सिंह, भारत भूषण, ख्यालीराम, सुरेश भूख हड़ताल पर बैठे। शुक्रवार को सरकार की ओर से प्रदेशभर में प्राकृतिक आपदा से खराब हुई फसलों को लेकर 967 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि जारी करने का एलान किया गया था, जिसके तहत सिरसा के हिस्से में 320 करोड़ की राशि आई है।
शनिवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे प्रशासन की ओर से एसडीएम परमजीत सिंह और सीटीएम बिजेंद्र सिंह धरनारत किसानों के बीच पहुंचे और किसानों को जल्द मुआवजा राशि दिलाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद किसान सहमत हो गए और धरना स्थगित करने का निर्णय लिया।
एसडीएम और सीटीएम ने किसानों को आश्वस्त किया कि की जिलेभर में तैनात पटवारी व अन्य अधिकारियों को मुआवजे के वितरण के लिए कार्य सौंप दिया गया है और जल्द किसानों को मुआवजा राशि वितरित कर दी जाएगी।
आठ मार्च से किसानों ने शुरू की थी भूख हड़ताल
गौरतलब हो कि पिछले करीब एक माह से जिलेभर के किसान लघु सचिवालय में धरना देकर बैठे हुए थे। गत आठ मार्च से किसानों ने भूख हड़ताल शुरू की थी, जिसके बाद से लगातार रोजाना 11 किसान भूख हड़ताल पर बैठे रहे थे।
14 मार्च को किसानों ने महिलाओं के भी भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी सरकार और प्रशासन को दी हुई थी। शुक्रवार शाम सरकार की ओर से प्रदेशभर में प्राकृतिक आपदा से खराब हुई फसलों को लेकरमुआवजे की घोषणा की गई थी, जिसके बाद किसानों में खुशी का माहौल देखा गया।
उधर, धरना दे रहे किसानों में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब तेज हवा के कारण धरनास्थल पर लगा टेंट गिर गया। आसपास खड़े दूसरे किसानों ने तुरंत मौके की नजाकत को देखते हुए स्थिति को संभाल लिया। हालांकि टेंट के गिरने से किसी भी किसान को कोई चोट नहीं आई।