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जब मंत्री बोले, राम राज में भी लोग नहीं थे 100% संतुष्ट

Fri, 27 May 2016 01:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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राव नरबीर ‌सिंह - फोटो : Bureau
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दस माह बाद वीरवार को पंचायत भवन में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक का आयोजन किया गया। अपनी पहली बैठक में शिरकत करने लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह करीब एक घंटा देर से पहुंचे। मंत्री जी के देर से पहुंचने के कारण बैठक में भाग लेने आए अधिकारियों और शिकायतकर्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं डॉक्टर के खिलाफ शिकायत लेकर पहुंचे युवक से कहा कि जब कोई दुश्मनी नहीं तो डॉक्टर मरीज को क्यों मारेगा।
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पंचायत भवन में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक इससे पहले दस जुलाई 2015 को आयोजित की गई थी जिसमें मंत्री कृष्ण बेदी ने समस्याएं सुनी थीं, बाद में उन्हें फतेहाबाद जिला का जिम्मा दे दिया गया। सिरसा की जिम्मेदारी लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह को दी गई। उनकी यह पहली बैठक थी। बैठक का समय 11 बजे का निर्धारित रखा गया। सभी विभागों के अधिकारी, शिकायतकर्ता उनके पक्षकार और दूसरे पक्ष के लोग 11 बजे से पहले ही सभागार में जाकर बैठ गए थे पर मंत्री एक घंटा देरी से पहुंचे।

सेठ हैं तो सेठों को मारोगे क्या
गांव फूंलकां के भीम सैन आदि ने अपनी शिकायत रखते हुए साफ कहा कि पुलिस और अन्य अधिकारी दूसरे पक्ष से मिले हुए है। जांच अधिकारी की रिपोर्ट पर मंत्री ने कहा कि प्लांट को मिली एनओसी तो ठीक है इस पर पीड़ित पक्ष ने कहा कि पैसा देकर कागज पर कुछ भी लिखवाया जा सकता है सरकार भी सेठों के साथ है। इस पर मंत्री ने कहा कि सेठ हैं तो सेठों को मारोगे क्या।
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राम राज में भी लोग सौ प्रतिशत संतुष्ट नहीं थे
गांव भारूखेड़ा निवासी धर्मपाल ने पंचायती राज विभाग की लापरवाही और मनमानी के पन्ने खोलने शुरू किए गए तो मंत्री ने कहा कि सिंचाई विभाग की जांच रिपोर्ट से कितना संतुष्ट है तो शिकायत कर्ता ने कहा कि 50 प्रतिशत। इस पर मंत्री ने कहा कि सौ प्रतिशत तो राम के राज में भी लोग संतुष्ट नहीं थे।

डॉक्टर मरीज की जान क्यों लेगा
धमौरा निवासी डीसीराम ने कहा कि रानियां के एक निजी डॉक्टर की लापरवाही से उसकी पत्नी की डिलीवरी के बाद मौत हुई है इसलिए डॉक्टर पर कार्रवाई की जाए। मंत्री के समक्ष सीएमओ ने जांच रिपोर्ट पेश करते हुए डॉक्टर को क्लीन चिट दी। मंत्री ने शिकायतकर्ता से ही पूछा क्या उसकी डॉक्टर साथ कोई दुश्मनी थी तो डीसीराम ने मना कर दिया इस पर मंत्री ने पूछा फिर डॉक्टर मरीज को क्यों मारेगा। हालांकि मंत्री ने पुन: जांच के आदेश देते हुए अगली बैठक मे रिपोर्ट पेश करने का कहा।
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