नगर पालिका चुनाव संपन्न होने के बाद अब प्रधान और उपप्रधान पद के लिए जोड़तोड़ शुरू हो गई है ज्यादातर प्रत्याशियों ने आजाद के तौर पर ही चुनाव लड़ा था। ऐसे में सभी पार्टी के नेताओं ने विजयी पार्षदों पर नजर रखनी शुरू कर दी है। फिलहाल किसी भी पार्टी के पास पूर्ण बहुमत नहीं है।
प्रधान पद अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित होने के कारण वार्ड एक से चार तक के विजयी पार्षदों की अहमियत बढ़ गई है क्योंकि एक से चार वार्ड अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित है। प्रधान पद के साथ-साथ उपप्रधान पद के लिए भी दावेदारों की सूची बढ़ने लगी है। जो कोई पार्षद समर्थन देने की बात करता है, वह स्वयं को उपप्रधान बनाने की बात रखता है। प्रधान व उपप्रधान पद के लिए बनाने के लिए भाजपा की तरफ से कालांवाली के प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह देसूजोधा व कांग्रेस की तरफ से शीशपाल केहरवाला व इनेलो की तरफ से कालांवाली के विधायक बलकौर सिंह कोशिश कर रहे है।
भाजपा की तरफ से युवा भाजपा नेता मनीष जिंदल का नाम उभर कर सामने आया है क्योंकि मनीष जिंदल ही एक मात्र पार्षद है जिसने भाजपा समर्थित प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था और उसके समर्थन में मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा व अमन चोपड़ा प्रचार के लिए आ थे, इसके अलावा वह काफी समय से आरएसएस व भाजपा से जुड़े हुए हैं। वहीं कांग्रेस की तरफ से पूर्व प्रधान राज कुमार बांसल के पुत्र हर्ष बांसल व पूर्व उपप्रधान महेश कुमार की पत्नी अनु रानी का नाम सामने आया है।
वहीं इनेलो भी दोनों पदों के लिए जोड़तोड़ कर रही है। उधर लोगों का मानना है कि नगर के विकास के लिए प्रधान व उपप्रधान के पद पर भाजपा समर्थित प्रत्याशियों का समर्थन करना चाहिए क्योंकि इससे पहले सिरसा से लोकसभा सांसद व कालांवाली के विधायक भी विपक्षी पार्टी के है ऐसे में पालिका के प्रधान व उपप्रधान के पद पर भी विपक्षी पार्टी के नेता बैठ गया तो नगर के विकास कार्यों पर ग्रहण लग जाएगा।