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मिड-डे मिल वर्कर्स को घोषित किया जाए चौथे दर्जे का सरकारी कर्मचारी : राजरानी

Sun, 06 Nov 2016 11:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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दीपावली पर सरकार ने सभी कर्मचारियों को तोहफा दिया, लेकिन हमें सिर्फ निराशा मिली। सरकार को चाहिए कि पिछली केंद्र सरकार द्वारा की गई वेतन में बढ़ोत्तरी को लागू करते हुए वर्ष 2013 से बढ़ाया गया वेतन तुरंत लागू करे। ये बात मिड-डे मिल वर्कर यूनियन की जिला सचिव राजरानी ने ओढां के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में उपस्थित मिड-डे मिल वर्करों को संबोधित करते हुए कही।
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    उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उनकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा जिसके चलते उनकी आर्थिक स्थिति गड़बड़ाकर रह गई है। उन्होंने सरकार से प्रति माह 18000 रुपये की मांग करते हुए कहा कि सभी मिड-डे मिल वर्करों को चौथे दर्जे का सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए, 45वें श्रम सम्मलेन की सिफारिशों को लागू कर वर्करों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए, दुर्घटना में कर्मचारी की मृत्यु पर पंाच लाख रुपये व घायल होने पर एक लाख का मुआवजा दिया जाए व मिड-डे मिल का निजीकरण या एनजीओ को देने पर तुरंत रोक लगाकर निजीकरण रद्द हो। उन्होंने सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व की केंद्र सरकार ने वर्ष 2013 में मिड-डे मिल वर्करों का वेतन बढ़ाया था जिसे मौजूदा सरकार तुरंत लागू करे। इस मौके पर मिड-डे-मिल वर्कर्स ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि मिड-डे मिल वर्कर्स द्वारा 10 व 11 नबंवर को संसद पर पड़ाव डाला जाएगा। उन्होंने सभी वर्करों से इस पड़ाव में भाग लेने हेतू बढ़ चढक़र पहुंचने की अपील भी की। इस अवसर पर बलकीर कौर दिवानखेड़ा, ब्लॉक प्रधान गुरचरण कौर, सर्वजीत कौर हैबुआना, अमरजीत कौर मांगेआना, गुरतेज कौर, सुखजीत कौर व धीर कौर के अलावा क्षेत्र की मिड-डे-मिल वर्कर मौजूद थी।
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