अतिरिक्त मुख्य सचिव (कृषि विभाग) वीएस कुंडू ने बुधवार को गेहूं की सबसे बड़ी अनाज मंडी डबवाली का दौरा किया। उठान धीमा होने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। कुंडू के सामने मजूदरों ने पीने के लिए पानी न मिलने की समस्या उठाई तो वही उनके समक्ष आढ़ती और प्रशासन आपस में उलझते नजर आए।
लाइव रिपोर्ट : जैसे ही गांव मांगेआना की ग्राम सभा के बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव ने डबवाली की ओर रुख कर दिया। उनके साथ एडीसी अजय कुमार तोमर और उपमंडलाधीश संगीता तेत्रवाल सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी थे। उन्होंने किसी से कुछ भी नहीं पूछा था कि आढ़ती अजनीश कैनेडी उनसे हाथ मिलाते हुए अधिकारियों की तारीफों के पुल बांधने लगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि क्या आपको तो पहले ही ट्रेंड कर रखा गया है, जो व्यवस्थाओं का सर्टिफिकेट दे रहे हो। मैं निरीक्षण करने के लिए आया हूं, प्रबंध खुद देख लूंगा। कुंडू ने किसानों से मिलकर उनकी समस्याएं जानने की कोशिश की।
किसानों ने बताया कि कॉटन खराब होने की वजह से वे कर्जदार हो गए हैं। फसल बेचकर अपना कर्ज उतार रहे हैं। इसी दौरान एक मजदूर भागते हुए आया और बोला कि आप देखो, हम वहां लगे हुए हैं, पानी की एक बूंद भी नहीं है वहां। पुलिसकर्मियों ने बल प्रयोग करते हुए उसे पीछे करने का प्रयास किया। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने पुलिस कर्मियों को रोकते हुए कहा कि बोलने दो इसे, समस्या जानने के लिए हम आए हैं। मजदूर ने बताया कि प्याऊ पर हमेशा ताला लगाए रखते हैं। इतनी गर्मी में पानी के बगैर काम नहीं होता। वीएस कुंडू ने तुरंत पानी की व्यवस्था करने के आदेश दिए। उन्होंने मंडी में गेहूं उठान न होने पर नाराजगी जाहिर की। बाद में मार्केट कमेटी कार्यालय में आढ़तियों के साथ बैठक ली। कच्चा आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान टेकचंद छाबड़ा और सचिव प्रेम प्रकाश गोयल ने खड़े होकर प्रबंधों को सही बताया। इसी बीच आढ़ती गुरदीप कामरा ने विरोध जताते हुए कहा कि मैं, सच्ची बात बताता हूं, आप चाहे रिकॉर्ड का अवलोकन कर लेना। 13 अप्रैल से खरीद शुरू हुई थी, उस दिन से आज तक मंडी से गेहूं का उठान नहीं हुआ है। अगर हुआ है तो भेदभावपूर्ण तरीके से। वीएस कुंडू ने एसडीएम को देखने के आदेश दिए। उन्होंने गेहूं उठान सुचारु तरीके से करवाने के भी आदेश दिए।