मंगलवार को फर्जी फर्मों पर सीबीआई की छापेमारी के अगले ही दिन कराधान विभाग ने एक मसाला निर्माता के दो ठिकानों पर निरीक्षण किया। शहर के भादरा बाजार स्थित कार्यालय के अलावा गांव शाहपुर बेगू में मसाला फैक्टरी में भी निरीक्षण किया गया। बताया जाता है कि कराधान अधिकारियों ने फर्म के बही खाते अपने कब्जे में लिये हैं। फर्म संचालक को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। फर्म के संचालक पवन गोयल टीम के सदस्यों को नहीं मिल पाए।
जानकारी के अनुसार आबकारी एवं कराधान विभाग की दो टीमों ने बुधवार को भादरा बाजार और गांव बेगू का रुख किया। विभाग द्वारा गठित टीम में ईटीओ महावीर, एईटीओ भाल सिंह, इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार ढिल्लो, इंस्पेक्टर धर्मपाल, इंस्पेक्टर भानी राम, इंस्पेक्टर दर्शन सिंह आदि शामिल थे। डीईटीसी आईएस गोदारा द्वारा निरीक्षण के लिए टीम का गठन मंगलवार को ही कर दिया गया था। इस टीम ने भादरा बाजार में हिल्टन मसाले के कार्यालय पर दस्तक दी और खाता-बही तलब किए। टीम ने जांच के लिए रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिया। इसके साथ ही दूसरी टीम ने गांव बेगू में मसाले की फैक्टरी में पहुंची वहां से भी रिकॉर्ड तलब किया गया।
निरीक्षण की सूचना के बाद व्यवसाइयों में हड़कंप सा मच गया था। कराधान विभाग की औचक कार्रवाई को फर्जी फर्मों पर सीबीआई की छापामारी से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि सीबीआई द्वारा फर्जी फर्मों के मामले में गहन छानबीन की जा रही है। जांच का दायरा बढ़ाया गया है। सूत्रों की मानें तो सीबीआई के कुछ अधिकारी अभी सिरसा में ही हैं और वे गुपचुप तरीके से तथ्य जुटा रहे हैं। सोमवार को आई सीबीआई टीम के कुछ अधिकारी चंडीगढ़ लौट गए जबकि कुछ अधिकारी अभी सिरसा में ही डेरा डाले हुए हैं। सीबीआई टीम द्वारा फर्जी फर्मों के संचालन करने वालों और इससे जुड़े कारोबारियों की जन्म कुंडलियां तैयार की जा रही हैं। बताया जाता है कि सीबीआई अधिकारी होमवर्क कर रहे हैं और इसके बाद बड़े स्तर पर फर्जी फर्म संचालकों को दबोचने की कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।
बताया जाता है कि सीबीआई के घेरे में कराधान विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं। करोड़ों रुपये के टैक्स रिफंड मामले में कराधान विभाग के अधिकारियों पर भी गाज गिरना बाकी है। विभाग के उन अधिकारियों की भी गर्दन नपनी तय है जिन्होंने नियमों को ताक पर धरकर फर्जी फर्मों का रजिस्ट्रेशन किया। बताया जाता है कि कराधान विभाग की ओर से जांच के सिलसिले मेें ही हिल्टन मसाला को जांच के घेरे में लिया गया है। अभी यह ज्ञात नहीं हो पाया है कि जब्त किए गए रिकार्ड से क्या हासिल हुआ है? कराधान विभाग के अधिकारियों ने औचक छापामारी के बारे में जानकारी देने से इंकार किया है। छापामार टीम में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई अमल में लाई गई है। हाई प्रोफाइल मामला है। इसलिए वे कुछ भी टिप्पणी नहीं कर सकते। उन्होंने फर्जी फर्मों से मामला जुड़ा होने से इंकार नहीं किया। उधर भादरा बाजार में छापामारी के बाद भीड़ जुट गई।
शहर के उन व्यापारियों में हड़कंप देखा गया जो कि फर्जी फर्मों के माध्यम से गोरखधंधा कर रहे हैं।
बता दें कि वेट रिफंड घोटाले में फर्जी कारोबार के तहत करोड़ों रुपये का गोलमाल किया गया था जिसकी जांच लंबे अरसे से चल रही है। सिरसा की कई फर्जी फर्मों के तार पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात आदि प्रदेशों की फर्जी फर्मों से जुड़े हुए हैं जो जांच में सामने आ रहे हैं। इसी प्रकार सिरसा से बाहर ग्रामीण क्षेत्र में खास कर पंजाब सीमा से सटे गांवों का पता देकर भी कई फर्में बनाई गई हैं जो संदेह के घेरे में हैं। रिकॉर्ड खंगाला जाएगा तो पता चलेगा कि सिरसा के कई व्यापारी गांवों की फर्मों से माल खरीद रहे हैं जबकि वास्तव में ऐसा नहीं है। यह खेल केवल कागजों में ही खेला जाता है। सभी को मालूम है कि शहर के व्यापारी गांवों में माल बेचते हैं उनसे खरीदते नहीं।