केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार एक ओर 2022 तक देश के प्रत्येक नागरिक को आवास सुविधा देने के दावा कर रही है, लेकिन दूसरी तरफ 40 वर्षों से गांव धोतड़ में मकान बनाकर रह रहे गरीबों के आशियाने तोड़ने के नोटिस देकर उन्हें बेघर करने पर आमादा है। सिरसा के गांव धोतड़ में 121 गरीब परिवारों पर बेघर होने की तलवार लटक गई है। लोगों ने शुक्रवार को प्रदर्शन कर शासन और प्रशासन से मांग की है कि उनके मकान न तोड़े जाएं। उन्होंने कहा कि उनसे जमीन की कीमत ले ली जाए लेकिन उन्हें उजाड़ा न जाए।
गौरतलब हो कि जिला प्रशासन की ओर से सभी को मकान खाली करने के नोटिस दिए गए हैं। नोटिस में कहा गया है कि 19 मार्च को कब्जा कार्रवाई की जानी है, इसलिए सभी लोग घरों से सामान आदि हटा लें। नोटिस मिलने के बाद से ग्रामीणों में सरकार व प्रशासन के खिलाफ रोष है। शुक्रवार को ग्रामीणों ने गांव में एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि वे 40 साल से यहां रह रहे हैं, अब उन्हें बेघर नहीं किया जाना चाहिए। सरकार व प्रशासन इस जमीन के भाव तय कर उनसे राशि जमा करवाए और उन्हें मालिकाना हक दे।