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खुले में शौच जाने पर करते हैं सम्मानित, क्या है पूरा माजरा, पढ़ें...

Tue, 15 Mar 2016 11:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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खुले में शौच को जातीं महिलाएं - फोटो : Azeem
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जिले को खुले में शौच मुक्त बनाने में शर्मसार करने का तरीका बहुत कारगर सिद्ध हो रहा है। शर्मसार होने का भय के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने खुले में शौच जाना बंद करते जा रहे हैं। जो लोग खुले में शौच करते हुए मिलते हैं उन्हें स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ी निगरानी कमेटी के सदस्य कभी सीटी बजाकर, तालियां बजाकर और फूल मालाएं पहनाकर ‘सम्मानित’ करते हैं। इस अनोखे तरीके का नतीजा है कि सिरसा जिले के 42 गांव खुले में शौच मुक्त हो गए हैं। इस सफलता से गदगद प्रशासन ने 31 मार्च तक सिरसा जिले को खुले में शौच मुक्त करने का बीड़ा उठा लिया है।
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हर गांव में गठित निगरानी कमेटी में शामिल ग्रामीणों का कहना है कि खुले में शौच करना घातक बीमारियों को जन्म देता है। स्वच्छ भारत का सपना साकार करने के लिए उन्होंने संकल्प लिया है कि हर घर में शौचालय बनवाने के लिए कुछ हट के अनोखे तरीके अपनाएं। इसमें उन्हें काफी सफलता मिल रही है। सिरसा में कुल 340 गांव हैं और सभी गांवों को खुले से शौच मुक्त करने के उद्देश्य से 13752 घरों में शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा गया है जबकि अब तक 10891 घरों में शौचालयों का निर्माण हो चुका है।

स्वच्छ भारत मिशन के प्रचारक सुखविंद्र सिंह का कहना है कि इस अभियान से अधिकाधिक लोगों को जोड़ने के लिए यात्राएं निकाली जा रही हैं। जनचेतना यात्रा के दौरान गांव के लोगों को साथ लेकर लोगों को खुले में शौच जाने के नुकसान बताए जाते हैं। दूसरी शर्मसार यात्रा है। यह उन लोगों के लिए है जो खुले में शौच करते हुए मिलते हैं, जो जनचेतना यात्रा के बाद भी जागरूक नहीं हुए। इसलिए इन्हें सीटी बजाकर, तालियां व गले में फूल मालाएं पहचानकर ‘सम्मानित’ किया जाता है। अंतिम चरण में गौरव यात्रा निकाली जाती है। यह तब निकाली जाती है, जब पूरे गांव में जलबद्ध शौचालय बन जाते हैं।
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लक्ष्य पूरा होने की कगार पर
खंड बड़ागुढा में 2282 घरों में शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया था जिसमें से 1223 घरों में शौचालयों को निर्माण हो चुका है। इसी प्रकार खंड डबवाली में 2459 घरों में शौचालय बनाए जा चुके हैं। ऐलनाबाद में 1916 घर, नाथूसरी में 2152 घरों में ,ओढ़ां में 283 घरों, रानियां में 1142 घरों और सिरसा में 2853 घरों में शौचालय बनाए जा चुके हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों व सरकारी स्कूलों में शौचालयों के निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। शौचालय में साबुन व पानी की सुविधा सुनिश्चित की जा रही है।

जनचेतना से सफल हो रहा है मिशन
स्वच्छ भारत के निर्माण का सपना साकार करने की दिशा में सिरसा को खुले में शौच से मुक्त बनाने में काफी हद तक सफलता हासिल हो चुकी है। लोगों को विभिन्न माध्यमों से जागरूक किया जा रहा है। जनचेतना की बदौलत सिरसा के 44 गांवों को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया जा चुका है। आशा है कि 31 मार्च तक जिला सिरसा खुले में शौच से मुक्त हो जाएगा। इसके लिए पूरी लगन व जी जान के साथ कार्य जारी है।
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शरणदीप कौर बराड़, उपायुक्त सिरसा।
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