हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष बजरंग दास गर्ग ने किसानों पर विवादित बयान दिया है। गर्ग ने कहा कि भैंस गुम हो जाए तो स्टेट मुआवजा देती है। फसल नष्ट होने पर मुआवजा मिलता है। व्यापारी ने पता नहीं क्या गलती कर दी है जो उसके साथ भेदभाव हो रहा है। जबकि देश-प्रदेश का व्यापारी टैक्स के रूप में अरबों रुपये सरकार को देता है, बदले में कुछ लेता नहीं।
गर्ग ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जो लोग टैक्स में दो रुपये जमा नहीं करवाते, बिजली के बिल नहीं भरते, उन्हें तरह-तरह की सुविधाएं तथा रियायतें दी जा रही हैं। गर्ग रविवार को डबवाली के सराफा कारोबारी जगदीश कंडा के मामले में हरियाणा सरकार द्वारा सुध न लेने पर बोल रहे थे।
वह गुरुद्वारा कलगीधर सिंह सभा में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जो पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ नारा देकर सत्तासीन हुई है, उसके राज में सरकारी कार्यालय भ्रष्टाचार के अड्डे बने हुए हैं। मार्केट कमेटी, राजस्व विभाग, फूड एंड सप्लाई विभाग की तरह कई ऐसे महकमे हैं, जो भ्रष्टाचार की जननी बने हुए हैं। उपरोक्त विभागों के कार्यालयों में व्यापारी को नींबू की तरह निचोड़ा जा रहा है।
हरियाणा विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस छोड़कर भगवा धारण करने वाले व्यापारी नेता बजरंग दास ने अपनी ही सरकार पर जमकर व्यंग्य कसे। उन्होंने कहा कि सराफा कारोबारी लगातार चालीस दिनों से हड़ताल पर चल रहे हैं। देश के इतिहास में यह सबसे लंबा आंदोलन है। सरकार बात सुनने को तैयार नहीं, जिसके चलते मजबूर होकर कारोबारी आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि केंद्र सराफा कारोबारियों को अकेला समझने की भूल न करें। जेटली एक्साइज ड्यूटी के नाम पर बड़े घरानों को लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी गुमराह कर रहे हैं। वर्ष 2012 में जब कांग्रेस ने एक्साइज डयूटी लगाई गई थी, उस समय मोदी गुजरात के सीएम थे। तब उन्होंने उपरोक्त को काला कानून करार दिया था। मोदी की वीडियो क्लीपिंग के साथ-साथ दुनिया भर की अखबारों की कटिंग हैं। बजरंग दास गर्ग ने कहा कि इंस्पेक्टरी राज के खिलाफ हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल सराफा कारोबारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। कारोबारी राष्ट्रीय स्तर पर फैसला लेकर बंद की कॉल करें। हरियाणा नंबर वन बंद होगा।
सीएम सबित करें, वे व्यापारी हित में हैं
हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि अगर हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर व्यापारियों के सच्चे हितैषी हैं, वे साबित करें। केंद्र सरकार के काले कानून का विरोध जताते हुए केंद्र में बात करें। उन्होंने कहा कि सरकार चुनने में अन्य वर्गों के साथ-साथ व्यापारी वर्ग का भी हाथ रहा है। ऐसे में विधायक तथा सभी सांसद उनकी आवाज को उठाएं। ताकि सरकार पर दबाव बन सकें।
उच्च स्तरीय जांच करवाएं सरकार
उन्होंने कहा कि आंदोलन के नाम पर व्यापारियों को निशाना बनाते हुए उपद्रवियों ने जमकर लूटपाट की। सरकार ने 100 फीसदी मुआवजा देने की घोषणा की थी। सरकार ने 1835 व्यापारियों की पहचान कर उन्हें 48 करोड़ रुपये बांटने का दावा किया है। कितने व्यापारी को किस ढंग से मुआवजा दिया गया है, सरकार इस पर स्पष्टीकरण दे। गर्ग के अनुसार कई बड़े व्यापारी हैं, जिन्हें अब तक पचास फीसदी मुआवजा नहीं मिला है। सरकार जल्द उच्च स्तरीय जांच करवाकर उन्हें राहत पहुंचाए। वरना व्यापारी सरकार के खिलाफ आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
पांच साल बाद पता चलता है व्यापारी से बैर
व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि डबवाली निवासी जगदीश कंडा के मामले में सरकार गंभीर नहीं है। इतने दिनों बाद भी सरकार की ओर से कोई टिप्पणी नहीं आई है। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल पीड़ित परिवार में से एक सरकारी नौकरी तथा अधिक से अधिक मुआवजा राशि की मांग करता है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि व्यापार मंडल स्वतंत्र एजेंसी हैं। 30 सालों में पांच मुख्यमंत्री देख चुके हैं। जो सरकार या मुख्यमंत्री व्यापारियों से बैर रखता है, उसे पांच साल बाद रिजल्ट मिल जाता है। इस अवसर पर व्यापार मंडल डबवाली के प्रधान इंद्र जैन, जिला प्रधान हीरालाल शर्मा, स्वर्णकार संघ जिला प्रधान राजकुमार सोनी, वैश्य महासभा के प्रदेश उप-प्रधान सुरेंद्र सिंगला, स्वर्णकार संघ डबवाली प्रधान निर्मल कंडा, युवा व्यापार मंडल प्रधान गुरदीप कामरा, कच्चा आढ़तिया एसोसिएशन के पूर्व प्रधान प्रकाश चंद बंसल, जिला महासचिव रामकुमार सोनी व्यापारी नेता मौजूद थे।