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हलक सूखे, शहर में सार्वजनिक स्थानों पर नहीं पेयजल की व्यवस्था

Wed, 20 Apr 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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पानी की सप्‍लाई - फोटो : Bureau
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भीषण गर्मी में हर दस मिनट के बाद प्यास लगती है। ऐसे में यदि शीतल जल न मिले तो हालत बहुत खराब हो जाएगी। ऐसे यात्रियों के पास एकमात्र सहारा बचता है बोतल का चिल्ड वाटर। मजबूरन इसे पीने के लिए हर कीमत वह देने को तैयार है। मौके का फायदा उठाकर दुकानदार भी लूट मचाने पर तुले हुए हैं। इस छिपी हुई लूट पर कोई गौर नहीं करता रहा, जबकि सार्वजनिक स्थलों पर यह धड़ल्ले से चल रही है। बता दें कि बस अड्डे पर टिकट बुकिंग केंद्र के पास ही लगा है वाटर कूलर पर उसकी टंकी में उबलता गर्म पानी आता है जिसमें यात्री हाथ ही काफी मुश्किल से धोते हैं, पीना तो दूर की बात है।
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ऐसी स्थिति में यात्रियों को काफी समस्या झेलनी पड़ रही है, जिन्हें अपनी प्यास 40 रुपये तक मिलने वाले पानी से बुझानी पड़ती है। पूछने पर कहा जाता है कि वाटर कूलर तो सही पर पर बिजली न होने पर पानी गरतहो गया। रेलवे स्टेशनों पर भी शीतल जल की दरकार है। कहने को वहां दो वाटर कूलर और दस टूटियां लगी हुई है। वाटर कूलर पर ठंडा पानी है पर वहां पर भीड़ ज्यादा रहती है और लोग पानी नहीं पी पाते। वाटर पोस्ट की टूंटियां गर्म पानी उगलती रहती है। यानि यात्रियों को शीतल जल के नाम पर अधिकतर गर्म पानी मिल रहा है। स्टेशन पर हजारों यात्री रोजाना सफर करते हैं। इतनी गर्मी में हर व्यक्ति ठंडे पानी के लिए वाटर कूलर की तरफ ही भागता है लेकिन वहां लंबी लाइन के चलते उन्हें मायूसी ही हाथ लगती है। मजबूरी में प्यास बुझाने के लिए यात्री इधर-उधर भटकते हैं या फिर प्यास बुझाने के लिए जेब ढीली कर पानी खरीदते हैं। ठंडे जल की व्यवस्था होने से  दुकानदारों की पानी की बोतल की बिक्री प्रभावित होती है। ऐसे में दुकानदार बड़े मुनाफे की वजह से यहां पानी की सप्लाई तक जानबूझ कर बाधित करवा देते हैं।

प्रशासन ने नहीं की प्याऊ की व्यवस्था
गर्मी के तेवर तीखे हैं। राहगीर गला तर करने के लिए प्याऊ की तलाश करते दिखते हैं। प्रशासन की तरफ से शहर में किसी भी स्थान पर प्याऊ शुरू नहीं किया गया है जिससे राहगीरों के हलक प्यासे ही रह जाते हैं। शहर में सिर्फ केवल मात्र टाऊन पार्क के पास चाय दुकानदार ने अपने बल पर पानी के घड़े रखे हुए हैं, अन्य कहीं भी प्याऊ की व्यवस्था नहीं है। शहर में जहां एक ओर सूर्य की तपन तेज होती जा रही है।  मंगलवार को शहर का पारा करीब 40 डिग्री सेल्सियस पर था। तपती धूप में घरों से बाहर निकलने वाले लोगों के गले सूखने लगे। राहगीरों को प्यास बुझाने के लिए दुकानों से बोतल बंद पानी खरीदना पड़ता है।
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यहां है पानी की व्यवस्था जरूरी
सांगवान चौक के समक्ष बहुत सारी दुकानें है। साथ ही वहां बसों का स्टॉपेज है। वहां पर काफी राहगीरों का आना लगा रहता है जिनके लिए पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। राहगीर राजकुमार, देवीलाल, बनवारी का कहना है कि यहां पर पानी की व्यवस्था जरूरी है। शहर के पुराने बस अड्डे पर सुबह से लेकर शाम तक हजारों यात्रियों का आना जाना रहता है लेकिन यहां पर भी  भीषण गर्मी में उनके लिए पेयजल का कोई प्रबंध नहीं। इसी प्रकार सुभाष चौक, रोड़ी बाजार, भगत सिंह चौक, शिव चौक, सामान्य अस्पताल मार्ग, रानियां रोड, डबवाली रोड, हिसार रोड, बेगू रोड, गोशाला रोड, सदर बाजार, सुरतगढ़ियां बाजार, पालिका बाजार में राहगीरों के लिए प्याऊ खोलने की कोई पहल अभी तक नहीं हुई है। इन सभी स्थानों पर सुबह से लेकर शाम तक जिलेभर से लोग पहुंचते हैं इसलिए यहां पानी की व्यवस्था जरूरी है।

ज्यादा भीड़ होने पर ठंडा नहीं रहता पानी
रेलवे स्टेशन पर पेयजल का प्रबंध है लेकिन भीड़ जाना होने के कारण वाटर कूलर ठंडा पानी जल्दी समाप्त हो जाता है ऐसे में सभी यात्रियों को ठंडा जल प्रर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाता।
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अमर सिंह, स्टेशन अधीक्षक सिरसा।
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