चौधरी साहब और आजकाल के नेता म्है तो दिन रात का फर्क है। ताऊ देवी लाल जिसा (जैसा)नेता तो पैदा होण गा ही कोनी। आज जब भी पूर्व उपप्रधान मंत्री चौ.देवी लाल का नाम आते ही सभी छोटे बड़े पार्टीबाजी को भूलकर उनके नाम के किस्से सुनने व सुनाने शुरू हो जाते हैं। कोई ताऊ देवीलाल, तो कोई किसानों, मजदूरों व बुजुर्गों का मसीहा, कोई युग पुरुष न जाने कितने नामों से पुकारा जाता है।
ताऊ देवी लाल का जिक्र उनकी पुण्यतिथि पर आजकल हर गांव के लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि ताऊ देवीलाल को अपने हिसाब से श्रद्घांजलि जरूर देगें, चाहे खेत में काम करते हुए उन्हें याद करें। उनका कहना है कि उनकी जयंती और पुण्य तिथि को कैसे भुला जा सकता है। बिजली और पानी की किल्लत और महंगाई के लिए लोग कांग्रेस व भाजपा दोनों को दोषी ठहरातें हैं। राजस्थान की सीमा से सटे पैंतालिसा क्षेत्र से पूर्व उप प्रधानमंत्री चौ. देवी लाल का गहरा रिश्ता रहा है यहां के गांवों में चौपालों पर बुर्जगों, युवा व बच्चों की भीड़ में चाहे कोई किसी पार्टी का समर्थक हो उन्हे बड़े अदब से याद करता है।