अनाज मंडी में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर किसानों ने कांग्रेस नेता के नेतृत्व में शनिवार को प्रदर्शन कर अपना रोष जाहिर किया। साथ ही चेतावनी दी गई कि अगर समस्याओं का शीघ्र समाधान न हुआ तो अधिकारियों का घेराव किया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता होशियारी लाल शर्मा की अगुवाई में अनाज मंडी में नारेबाजी कर रहे संदीप नेजाडेला, अंबर कुमार, मक्खन लाल, गोपाल, गुरमेल, मिलखराज आदि किसानों का कहना था कि प्रशासन की ओर से खरीद से पूर्व किसानों व मजदूरों के लिए पुख्ता प्रबंध करने के दावे किए गए थे, लेकिन हकीकत इन दावों के विपरीत है। मंडी में सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है।
मंडी में फसल ले जाने के लिए रास्ता तक नहीं है। न ही गेहूं उतारने के लिए मंडी में जगह है, न ही तोलने के लिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अव्यवस्था का आलम यह है कि अनाज मंडी में जाने के रास्ते पूरी तरह से बंद हो चुके हैं। मंडी पूरी तरह गेहूूं से अटी पड़ी है। किसानों ने कहा कि खरीद के बावजूद दो दिन दो दिन से ठेकेदार द्वारा गेहूं का उठान नहीं किया जा रहा। न तो शौचालय की बेहतर व्यवस्था है, न ही पेयजल की। भीषण गर्मी में किसान व मजदूर पानी के लिए भटक रहे हैं।
शर्मा ने किसानों की समस्याएं जानने के बाद मौके पर ही उपायुक्त व एसडीएम को फोन मिलाया और मांग की कि गेहूं का उठान जल्द से जल्द किया जाए। किसानों को ट्रैक्टर ट्राली लाने व ले जाने में कोई दिक्कत न हो, इसका मुकम्मल इंतजाम किया जाए। शौचालय-पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त की जाए। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि किसानों और मजदूरों को कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। शर्मा ने प्रदेश सरकार से यह भी मांग की कि किसानों को गेहूं पर प्रति क्विंटल 500 रुपये बोनस दिया जाए, क्योंकि किसानों की पिछली फसलें ओलावृष्टि, बीमारी के प्रकोप से बर्बाद हो चुकी हैं।
धरतीपुत्र आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे हैं, ऐसे में उन्हें बोनस देकर राहत पहुंचाई जाए। इस मौके पर राजकरण भाटिया, राजकुमार वर्मा, मोहर सिंह, प्रेम बजाज, तेलूराम, संदीप चलाना, जगदीश अग्रवाल, हरपाल लाली, पुरुषोत्तम, दीपक चांडीवाल, राजेंद्र, कमलजीत, अशोक, सुशील डूंगामूंगा, हरीश सोनी, संजय चांवरिया, सीताराम गुप्ता, सोमप्रकाश चावला, सज्जन कुमार, संजय लोट, जगदीश नेहरा, राजन शर्मा, वेदप्रकाश सैनी, हंसराज मोरवाल, अंकित डाबड़ा आदि मौजूद थे।