मौसम की मार से बरबाद हुई फसलों के मुआवजे, बिजली के बिलों में कटौती आदि मांगों को लेकर धरना सोमवार को भी जारी रहा। शासन और प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन न मिलने पर अब आठ मार्च से भूख हड़ताल पर बैठने का निर्णय लिया है।
पहले दिन 11 किसान भूख हड़ताल पर बैठेंगे। महिलाओं ने भी किसानों की समर्थन में 14 मार्च से भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान किया है। उधर किसान नेताओं भारूखेड़ा को उपमंडलाधीश की ओर से नोटिस जारी किए जाने को लेकर रोष जताया है। सोमवार को धरने में महिलाएं भी शामिल हुई।
इस मौके पर किसानों को संबोधित करते हुए हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि एसडीएम की ओर से गत दिवस 15 किसानों को नोटिस थमाए गए हैं, जो कि निंदनीय है। उनका कहना है कि प्रशासन किसानों के आंदोलन को कुचलना चाहते हैं।
भारूखेड़ा ने कहा कि अगर प्रशासन व सरकार को उनकी जरा सी भी फिक्र है तो वे तुरंत प्रभाव से किसानों को खराब फसलों का मुआवजा जारी करे, ताकि किसानों को कुछ राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि उनके पास अपने परिवार के पालन-पोषण के भी लाले पडने वाले हैं। उन्होंने दो दिन पूर्व हुई बरसात व ओलावृष्टि से वर्तमान फसलें भी बरबाद हो चुकी है।
उन्होंनें कहा कि ऐसे में सरकार को जल्द से जल्द बर्बाद फसलों का मुआवजा देना चाहिए। इस मौके पर प्रकाश सिंह सिहाग, विकल पचार, जगदीश दारा, ख्यालीराम, साहबराम, आदराम, सुखदेव सिंह, वीरेंद्र, धनपत गोदारा, मदनलाल, बृजलाल, रणजीत सिंह, राकेश, गांधीराम, सुदर्शन सिंह, रामप्रताप, प्रहलाद सिंह, राजकुमार, सुनीता, राजवंती, सुशीला, कमलेश उपस्थित थे।