मूलभूत सुविधाओें को तरस रहे आईटीआई के विद्यार्थियों ने मंगलवार को कक्षाओं का बहिष्कार करके संस्थान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्र संगठन बाई ग्रुप भी विद्यार्थियों के समर्थन में आ खड़ा। विद्यार्थी प्राचार्य को अपनी समस्याओं को लेकर शिकायत पत्र देने गए तो प्राचार्य ने पत्र लेने से इंकार कर दिया, जिससे विद्यार्थी बिफर गए और नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। इसके बाद प्राचार्य ने संस्थान में पुलिस बुलवा ली। पुलिस ने जबरन एक छात्र को उठाकर ले जाने लगी जिससे बात और बिगड़ गई। विद्यार्थियों ने मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। आखिरकार प्राचार्य कोे अपने बरताव पर विद्यार्थियों से माफी मांगनी पड़ी।
जानकारी के अनुसार रानियां रोड स्थित आईटीआई के विद्यार्थी संस्थान में जरूरी मलभूत सुविधाओं की कमी झेल रहे हैं। विद्यार्थी नवदीप व रोहन का कहना है कि संस्थान में पेयजल, बिजली, कैंटीन, सफाई की भारी समस्या है। इसके अलावा संस्थान में टीचरों का भी काफी टोटा है जिस कारण पढ़ाई नहीं हो पा रही। बाहरी तत्व संस्थान में घुसकर हररोज उत्पात मचाते हैं। संस्थान प्रशासन की तरफ से विद्यार्थियों को बस पास जारी नहीं किए जा रहे। बस पास न होने के चलते बस वाले उन्हें बस में चढ़ने नहीं देते। इन समस्याओं को लेकर मंगलवार सुबह विद्यार्थियों ने कक्षा का बहिष्कार करके एक शिकायत पत्र प्राचार्य लाल चंद को सौंपने का फैसला लिया। विद्यार्थी एकत्रित होकर प्राचार्य के पास पहुंचे तो उन्होंने शिकायत पत्र लेने से इंकार कर दिया जिससे विद्यार्थियों में रोष फैल गया। सभी विद्यार्थी नारेबाजी करते हुए रोष प्रदर्शन करने लगे। प्राचार्य ने पुलिस बुलवा ली और पुलिस वाले धरने पर बैठे एक छात्र को जबरन अपने साथ ले जाने लगे। इससे विद्यार्थियों ज्यादा रोष बढ़ गया और संस्थान में भारी हंगामा होने लगा। मामल बिगड़ता देख प्राचार्य लाल चंद विद्यार्थियों के बीच पहुंचे और अपने बरताव पर माफी मांगी। उन्होंने विद्यार्थियों को आश्वासन दिया कि शिकायत पत्र में दर्ज सारी समस्याओं को जल्द दूर करवाया जाएगा।