अदालत के आदेश की अवहेलना के मामले में डबवाली अदालत ने सिख धर्म प्रचारक एवं जत्थेदार दमदमा साहिब बलजीत सिंह दादू को दोषी करार देते हुए अंडर गॉन व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
मामले के अनुसार दिसंबर 2012 को डेरा प्रेमियों व सिख समुदाय के लोगों के बीच गांव घुकांवाली में झड़प हो गई थी। इसके बाद सिखों ने चोरमार नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। पुलिस ने सिख धर्म प्रचारक एवं जत्थेदार दमदमा साहिब बलजीत सिंह दादू सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
अदालत समक्ष पेश नहीं होने पर डबवाली कोर्ट ने बलजीत सिंह दादू को भगौड़ा घोषित कर दिया। पुलिस ने जत्थेदार बलजीत दादू को गिरफ्तार कर अदालत समक्ष पेश किया। इसके बाद कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जिला प्रशासन ने बलजीत दादू को सिरसा जेल में रखना सेफ नहीं समझा और उसे हिसार जेल भेज दिया गया। एक दिन जेल में रहने के बाद सत्र अदालत ने दादू को जमानत दे दी। रोड जाम मामले में अदालत को जत्थेदार बलजीत सिंह दादू के खिलाफ कोर्ट सबूत नहीं मिला और सबूत के अभाव में कोर्ट ने आरोपियों को बरी कर दिया। हालांकि अदालत के आदेश की अवहेलना करने का केस कोर्ट में चलता रहा। बुधवार को अदालत ने जत्थेदार बलजीत सिंह दादू को दोषी करार देते हुए अंडर गॉन व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुना दी।