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Sirsa News: सिरसा को मिली 110 करोड़ की झींगा प्रोसेसिंग यूनिट, बनाया जाएगा एक्वापार्क

Mon, 17 Mar 2025 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा के फार्म में तैयार हुई झींगा।  स्रोत : अ​धिकारी 
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। झींगा उत्पादन में सिरसा का नाम प्रदेश में पहले स्थान पर आता है। इसे इन लैंड एग्रीकल्चर कहते हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार ने यहां सफेद झींगा और मछली पालन को बढ़ाव देने के लिए बजट में एकीकृत एक्वापार्क उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की घोषणा की है। इस प्रोजेक्ट के लिए 110 करोड़ की परियोजना बनाई गई है।
यह एक्वापार्क और प्रोसेसिंग यूनिट करीबन 25 एकड़ भूमि पर लगाई जाएगी। इस प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना से किसानों को ट्रेनिंग से लेकर अन्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। किसानों का ट्रांसपोर्टेशन को लेकर आने वाला खर्च कम हो जाएगा। ऐसे में उन्हें 80 से 90 रुपये प्रति किलो के हिसाब से फायदा होगा।
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झींगा पालन से सिरसा जिले के 400 से ज्यादा किसान जुड़े हुए हैं। ऐसे में बजट के अंदर प्रोसेसिंग यूनिट के साथ एक्वापार्ट की घोषणा होने से किसानों के लिए राहत भरी खबर है। जिला मत्स्य पालन अधिकारी जगदीश चंद्र ने बताया कि जिले के ऐलनाबाद, बडागुढ़ा, ओढां व चोपटा खंड में झींगा पालन किया जाता है। मुख्य रूप से सिरसा बेल्ट में सफेद झींगा व परंपरागत मछली पालन होता है। ओडिशा, आंध्रप्रदेश , पश्चिम बंगाल , गुजरात, तमिलनाडु से मुख्य रूप से व्यापारी यहां आते हैं। वे यहां से झींगा खरीदकर ऑन रोड सप्लाई लेकर जाते है। इसमें 55 से 60 घंटे का समय लगता है। इसी क्वालिटी पर असर आता है। इसी कारण किसानों को 70 से 80 रुपये प्रति किलो कम मिलता है। प्रोसेसिंग यूनिट लगने से यह खर्च खत्म हो जाएगा। उन्होंने बताया कि झींगा प्रति किलो 350 से 380 रुपये बिकता है।


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यह होगा प्रोसेसिंग यूनिट में खास
- एक्वापार्क बनाया जाएगा।
- टेस्टिंग लैब बनाई जाएगी।
- किसानों के लिए ट्रेनिंग सेंटर स्थापित होगा।

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पूर्व मुख्यमंत्री ने की थी घोषणा
अक्तूबर 2022 में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सिरसा के गांव चोरमार का दौरा किया था। उन्होंने चोरमार में प्रोसेसिंग यूनिट और मॉडल सेंटर बनाने की घोषणा की थी। इसे भारतीय जनता पार्टी ने अपनी संकल्प पत्र में रखा था। इसके बाद इसको लेकर बजट में फाइनल रूप दिया गया है।



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सोलर सिस्टम पर 30 किलोवॉट तक मिलेगी सब्सिडी
अधिकारियों के अनुसार झींगा पालन करने वाले किसानों को सोलर सिस्टम पर पहले 10 किलोवॉट तक सब्सिडी मिलती थी, जो नाकाफी थी। बजट में उसे बढ़ाकर 30 किलोवॉट कर दिया गया। बता दें कि किसानों को 19.6 किलोवॉट पर 4 रुपये 70 पैसे प्रति यूनिट पड़ती है। इससे ऊपर होने पर साढ़े सात रुपये प्रति यूनिट का खर्च आता है। सरकार ने 30 किलोवॉट सोलर सिस्टम पर सब्सिडी देकर किसानों को सीधा फायदा पहुंचाया है। 4 से पांच माह जब उत्पादन नहीं होता है तो किसान अपनी अतिरिक्त बिजली विभाग को सप्लाई कर अपना खर्च पूर्ण कर सकते हैं।
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किन्नू की प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग प्लांट की लंबे समय से है मांग

बजट में प्रदेश सरकार ने जूस प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने की घोषणा की है। यहां पर जूस की पैकेजिंग भी की जाएगी। इससे सिरसा के किन्नू उत्पादकों को बड़ा लाभ मिलेगा। सिरसा में 30 हजार एकड़ से अधिक भूमि पर किन्नू के बाग है। डबवाली जोन में किन्नू का उत्पादन सबसे ज्यादा होता है। दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू, अहमदाबाद, कोलकाता समेत देश के बड़े शहर में सिरसा के किन्नू की मांग है। इसके चलते आधुनिक प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग प्लांट स्थापित करने की मांग यहां के किसान उठा रहे थे, ताकि किन्नू को कम दामों पर न बेचना पड़ा। अब बजट में इसकी घोषणा होने के बाद इस पर तेजी से कार्य किया जाएगा। इस प्लांट के लगने से किन्नू के रकबे में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है और किसानों को किन्नू के बेहतर दाम भी मिलेगी।
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