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बैंकों की छुट्टी, एटीएम खाली, कहां जाएं लोग

Sat, 26 Nov 2016 11:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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बंद पड़ा एसबीआई का एटीएम। - फोटो : अमर उजाला
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सिरसा। शनिवार को बैंकों का अवकाश होने के कारण शहर के कई एटीएम पर भीड़ रही। हालांकि बैंकों की एक-दो शाखाएं खुली थी पर वहां पर उन्हीं लोगों का लेन-देन हो सका जिनके उस शाखा में खाते हैं। अधिकतर एटीएम शनिवार को भी बंद दिखे। इन एटीएम में राशि डाली गई वहां पर आज रोजाना से अधिक भीड़ दिखी।
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आज सुबह लगभग एटीएम में राशि नहीं थी। पर बाद में जब एटीएम में राशि डाली गई तो एटीएम से राशि निकालने वालों की लंबी लाइनें लगने में देर नहीं लगी। रोजाना से आज लाइनें लंबी रही क्योंकि बैंकों का अवकाश था। बरनाला रोड स्थिति पीएनबी की शाखा आज भी खुली तो लोग बैंक खुलते ही लंबी कतारों में खड़े हो गए। दिन भी एटीएम के सहारे लोगों का काम चला। अधिकतर एटीएम आज भी नहीं चले। दोपहर बाद तक एटीएम राशि निकालते रहे। शाम तक फिर सभी एटीएम बंद हो गए। अब रविवार को भी बैंकों का अवकाश है। ऐसे में सोमवार को दो दिन के अवकाश के बाद बैंकों में भीड़ बढ़ने की संभावना है। सहकारी बीज व खाद के बिक्री केंद्र भी बंद रहे। किसानों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। लोग घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे। एटीएम में राशि खत्म होने में भी ज्यादा समय नहीं लगा क्योंकि एटीएम से लगातार राशि निकाली जाने का सिलसिला जारी रहा।
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दिख रहा है व्यवसाय पर असर
आढ़ती उपनेश अरोड़ा ने बताया कि किसानों को देने के लिए राशि नहीं है ऐसे में किसानों के साथ-साथ सभी आढ़ती भी परेशान हैं। उन्होंने बताया कि फसलों के सीजन में कैश की रोजाना बहुत जरूरत पड़ती है पर अब बैंकों से पर्याप्त कैश मिल ही नहीं रहा। उन्होंने बताया कि आढ़ती नोट बंदी से सबसे अधिक परेशान हैं। एक सप्ताह में 50 हजार रुपये निकाले जा सकते हैं जिससे एक किसान का भी काम नहीं चलता। खाद व बीज अपने जानकारों से उधार पर किसानों को दिलवा रहे हैं। इसी प्रकार ईंट भट्टा संचालक ओम प्रकाश सुथार ने बताया कि लैबर को देने के लिए 50 हजार रुपये की जरूरत थी पर नोट बंदी के बाद हुई किल्लत के कारण भारी परेशानी हुई। मजदूरों को घर का राशन लाने के लिए राशि देनी थी। मजदूर भी परेशान हैं क्योंकि उन्हें रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। इसी प्रकार सेनेटरी दुकानदार सुनील सहारण ने बताया कि जब से 500 और 1000 के नोट बंद हुए हैं तब से काम बिलकुल ठंडा हो गया है। अब बैंकों में भी राशि नहीं मिलती ऐसे में लोगों का सर्कल चल नहीं पा रहा है तो काम पर असर पडना स्वाभाविक है। जमींदारा ट्रैक्टर के संचालक अमन सहारण ने बताया कि जब से नोट बंदी हुई है तब से टैक्टरों की बिक्री नहीं हो पा रही है। नौ नवंबर के बाद आज एक ट्रैक्टर बेचा है। सीजन का समय था सोच रहे थे एक माह में 20 ट्रैक्टर बिक जाएंगे पर नोट बंद होने के कारण ट्रैक्टर नहीं बिक पाए। उन्होंने बताया कि ऐसे में तो किसानों के पास घर का खर्च चलाने के लिए रुपये नहीं है तो ट्रैक्टर खरीदना तो दूर की बात है। अब तो स्थिति सामान्य हो जाने का इंतजार कर रहे हैं।
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