शहर के एक भवन पर लगाए होर्डिंग्स।
सिरसा। शहर में अवैध होर्डिंग का जाल फैलता जा रहा है। सरकारी स्ट्रक्चर के साथ अब बहुमंजिला भवनों और दुकानों की दीवारें भी व्यावसायिक विज्ञापनों से अट गई हैं। एजेंसियां भवन मालिकों से 10 से 30 हजार रुपये मासिक किराये पर दीवारें लेकर लोहे के स्ट्रक्चर खड़े कर रही हैं।
अब नगर परिषद ने इस पर शिकंजा कसने की तैयारी की है। भवन मालिकों और होर्डिंग लगाने वाली एजेंसियों को नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी। शहर में अवैध होर्डिंग के कारण नगर परिषद को राजस्व का नुकसान हो रहा है। परिषद की करीब 25 विज्ञापन साइटें पिछले चार साल से खाली पड़ी हैं। इन्हें ठेके पर लेने के लिए कोई आगे नहीं आ रहा। इससे लाखों रुपये के संभावित राजस्व का नुकसान हो रहा है।
अनुमति के बिना लगाए जा रहे होर्डिंग
विज्ञापन एक्ट के अनुसार, भवन पर होर्डिंग या अन्य स्ट्रक्चर लगाने के लिए नगर परिषद से अनुमति लेना जरूरी है। इसके लिए निर्धारित फीस और सालाना शुल्क भी जमा करवाना होता है। इसके बावजूद बिना अनुमति विज्ञापन लगाए जा रहे हैं। एजेंसियां इसी का फायदा उठाकर दीवारों को कमाई का जरिया बना रही हैं।
डेढ़ साल से ठप है कार्रवाई
करीब डेढ़ साल पहले अवैध होर्डिंग और स्ट्रक्चर हटाने के लिए अभियान चलाया गया था। इस दौरान होर्डिंग हटाने के साथ भवनों पर लगे लोहे के स्ट्रक्चर भी काटे गए थे। नोटिस मिलने पर कई भवन मालिकों ने खुद भी इन्हें हटाया था। हालांकि, बाद में राजनीतिक दबाव के चलते अभियान रोक दिया गया। इसके बाद से कार्रवाई दोबारा शुरू नहीं हो सकी।
नोटिस के बाद हटेंगे अवैध होर्डिंग
नगर परिषद अब उच्चाधिकारियों से अनुमति लेकर विशेष अभियान चलाने की तैयारी में है। इसके तहत भवनों और अन्य स्ट्रक्चर पर लगे अवैध होर्डिंग हटाए जाएंगे। संबंधित भवन मालिकों और विज्ञापन एजेंसियों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
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उच्चाधिकारियों से अनुमति लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा। भवनों से लेकर स्ट्रक्चरों पर लगे सभी अवैध होर्डिंग हटाए जाएंगे। लोगों से अपील है कि वे स्वयं अपने अवैध स्ट्रक्चर हटा लें, ताकि भविष्य में उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े। - अजय कुमार, जेई, नगर परिषद सिरसा।