संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। परिवहन विभाग ने सिरसा डिपो में अब 10 नई यूरो सिक्स व आठ पुरानी बसें भेजी हैं। इससे रोडवेज के बेड़े में अब 222 बसें हो चुकी हैं। अब रोडवेज ने नई बसों का लंबे रूटों पर व पुरानी बसों का लोकल रूटों पर संचालन कर दिया है। अभी रोडवेज की ओर से बंद पड़े रूटों पर ही बसों का संचालन किया जा रहा है।
सिरसा डिपो में 220 बसों की आवश्यकता थी। अब यहां पर 222 बसें पहुंच चुकी हैं। इनमें 32 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत, पांच गुलाबी, 19 मिनी बसें व अन्य डिपो की बड़ी बसें शामिल है। इनमें से 33 बसों डबवाली सब डिपो में है। यात्रियों को सुविधा देने के लिए रोडवेज की ओर से इन बसों के समय तय कर रूट पर भेजा जा रहा है। इससे साथ ही रोडवेज में चालक व परिचालकों की कमी भी दूर हो गई है। जिससे समय के अनुसार बसों का रूटों पर संचालन किया जा रहा है।
इससे पहले लोकल रूटों पर बसों की कमी होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कई बार विद्यार्थिययों ने बस को रोक कर विरोध प्रदर्शन भी किया था। अब जिले के करीब 122 रूटों पर बसों का संचालन किया जा रहा है। बसों में हर रोज करीब 25 हजार यात्री सफर करते हैं।
बाढ़ के चलते 20 बसों को रखा है रिजर्व
घग्गर व रंगोई नाले के ओवरफ्लो के चलते सिरसा डिपो ने 20 बसों को रिजर्व रखा गया है। इनमें से 10 बसों को अलग-अलग ब्लॉकों में खड़ा किया गया है, ताकि जिस भी क्षेत्र में स्थिति खराब हो तो वहां के लोगों को तुरंत प्रभाव से रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित जगह पर पहुंचाया जा सके। इन बसों के माध्यम से ही पुलिस कर्मचारियों व अन्य लोगों को एक जगह से दूसरी जगह पर भी पहुंचाया जा रहा है।
2018 मॉडल की यूरो फोर बसें पहुंची हैं सिरसा
मुख्यालय ने कैथल से 10 नई यूरो सिक्स, छह चंडीगढ़ डिपो से, जबकि दो पानीपत डिपो से यूरो फोर बसें पहुुंची भेजी हैं। 2018 मॉडल की बसों का सामान सिरसा डिपो की वर्कशाप में होने के चलते इन्हें यहां पर भेजा गया है, ताकि बसों की रिपेयरिंग करने में कोई रिक्त खर्च न आए।
वर्जन
कैथल डिपो से सिरसा को 10 नई बसें, जबकि अन्य दो डिपो से आठ पुरानी बसें पहुंची हैं। इन बसों को लोकल व लंबे रूटों पर चलाया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भी कई बसों को रिजर्व रखा गया है। - शेर सिंह, रोडवेज महाप्रबंधक, सिरसा डिपो ।