संवाद न्यूज एजेंसी
कालांवाली। शहर के तारूआना रोड पर स्थित वर्कशाॅप की दुकान करने वाले मिस्त्रियों को एक माह से बिजली सप्लाई बाधित रहने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समाधान के लिए 20 दुकानदार एकत्रित होकर बिजली निगम के एसडीओ और जेई से मंगलवार को मिलने पहुंचे। इस दौरान दुकानदारों का जेई नेकी राम के साथ विवाद हो गया। दुकानदारों ने जेई पर 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने और एसडीओ के मार्क करने के बावजूद भी सप्लाई बहाल न करने के आरोप लगाए, जबकि जेई नेकी राम ने शहर पुलिस चौकी को शिकायत देकर दुकानदारों पर मारपीट करने, सरकारी काम में बाधा डालने और रिकाॅर्ड को नष्ट करने के आरोप लगाए।
दुकानदारों हरदीप सिंह, हरजीत सिंह, गुरचरण सिंह, बलबीर सिंह, जगदेव सिंह, गुरसेवक सिंह, बलजीत सिंह, राजू, बलजीत, गुरजंट, मेजर सिंह, सोनी सिंह, गुरदीप सिंह ने बताया कि तारूआना रोड पर वर्कशाॅप की कई दुकानें हैं। रोड पर बिजली निगम की मुख्य लाइन गुजरने के कारण रोजाना परमिट लेकर काम किया जाता है। पूरा-पूरा दिन बिजली सप्लाई बाधित रहती है। इससे काम-काज प्रभावित रहता है। दुकानदारों को रोजाना 30 हजार रुपये से अधिक तेल पर खर्च करके जेनरेटर से काम करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि वह परमिट के दौरान लाइट काटने पर उनकी सप्लाई हुड्डा सेक्टर से जारी रखने की मांग कर रहे हैं। पिछले 15 दिन से निगम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। एसडीओ प्रेम चंद राठी ने कार्रवाई करते हुए जेई को फाइल मार्क करके भेज दी, लेकिन जेई उनकी समस्या का समाधान नहीं कर रहा और 20 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। इससे पहले वह सब मिलकर गेहूं सीजन में लाइन बंद रखने के दौरान लगभग 50 हजार रुपये खर्च करके जियो स्विच लगा चुके हैं, जोकि अभी तक काम नहीं आई है। दुकानदारों ने जेई के साथ कोई हाथापाई या मारपीट नहीं की है, सिर्फ आपसी बहस हुई है। इस मौके पर एसडीओ व कई कर्मचारी भी मौके पर मौजूद थे।
जेई नेकी राम ने अपने कर्मचारियों के साथ दी शिकायत
वहीं, निगम के जेई नेकी राम ने एसडीओ प्रेम चंद राठी और निगम के बिजली कर्मचारियों के साथ शहर पुलिस चौकी में पहुंचे। उन्होंने हरजीत सिंह, हरदीप सिंह, सेवक सिंह के खिलाफ लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। एसडीओ व जेई ने सभी आरोपों को झूठा व निराधार बताते हुए कहा कि करीब 15-20 लोग उनके पास कार्यालय में बिजली संबंधी समस्या को लेकर आए। उन्हाेंने बिना कागजी कार्रवाई के लाइन शहरी क्षेत्र से जोड़ने से इंकार कर दिया। इस वे लोग गुस्से में आ गए और उसे कुर्सी से घसीटते हुए बाहर ले गए। उन लोगों ने उसके साथ मारपीट की और थप्पड़ मारे। मेज पर रखीं फाइलें बिखेर दी और कंप्यूटर को भी गिरा दिया। साथी कर्मचारियों ने 112 नंबर पर काॅल किया तो वह मौके से भाग गए।