ओढां। इस बार तीन अक्तूबर से शारदीय नवरात्र शुरू हो रहे हैं। विजयादशमी 12 अक्तूबर को होगी। इस बीच नौ दिनों में माता रानी के भिन्न स्वरूपों की पूजा रोज होगी। इस अक्तूबर में काफी त्योहार आने वाले हैं। इस माह के बाद एक व्रत और त्योहार मनाए जाएंगे।
ओढां के श्री दुर्गा मंदिर के पुजारी अशोक शर्मा ने बताया कि आश्विन अमावस्या सर्वपितृ श्राद्ध एवं शारदीय नवरात्र घट स्थापना से अक्तूबर की शुरुआत हो रही है। इस अक्तूबर में दशहरा, करवाचौथ, धनतेरस और दीपावली है। उपांग ललिता व्रत, सत्यनारायण व्रत, हनुमान जयंती भी मनाई जाएगी। तीन अक्तूबर से शुरू शारदीय नवरात्र का समापन 12 अक्तूबर को होगा।
इन नवरात्र में माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। एक अक्तूबर को चतुर्दशी श्राद्ध, दो को आश्विन अमावस्या श्राद्ध, सर्वपितृ श्राद्ध और तीन अक्तूबर को शारदीय नवरात्र शुरू होंगे। सात अक्तूबर को उपांग ललिता व्रत, 10 को सरस्वती पूजा, 11 को दुर्गा महाअष्टमी, 12 को दुर्गा महानवमी पूजा और विजयादशमी, 14 को पापांकुशा एकादशी, 15 को प्रदोष व्रत, 16 को शरद पूर्णिमा, सत्यनारायण व्रत, 17 को आश्विन पूर्णिमा, पंचक समाप्त होगा।
17 अक्तूबर को ही कार्तिक संक्रांति, कार्तिक स्नान शुरू होगा। 20 को करवाचौथ और संकष्टी चतुर्थी, 24 को अहोई अष्टमी व्रत, गुरु पुष्य योग, 28 को रमा एकादशी, 29 को धनतेरस, प्रदोष व्रत, 30 को हनुमान जयंती, 31 अक्तूबर को छोटी दीपावली का पर्व और एक नवंबर को दीपावली का त्योहार मनाया जाएगा।