सिरसा। शहर में साढ़े तीन साल बाद होने वाले निकाय चुनावों की घोषणा के बाद से ही वार्डों में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। शहर के वार्डों में जगह-जगह निकाय चुनावों को लेकर चर्चा है। शहर के वार्ड एक और दो दोनों एक से दूसरे से सटे हुए है। दोनों समस्याएं भी एक जैसी हैं। दोनों वार्डों में सीवर ठप पड़े हैं वहीं कई गलियों में निर्माण कार्य अधूरा है।
वहीं दोनों वार्डों में वर्षों पुराने अनप्रूव्ड रकबे को हाल ही में सरकार ने अप्रूव्ड कर दिया था। जिससे दोनों वार्डों में कुछ विकास कार्य हो पाए हैं। इसके बाद भी इन दोनों वार्डों में समस्याओं का अंबार है। गली निर्माण से लेकर बारिश के पानी की निकासी की समस्या से लोग परेशान हैं। हाल ही में अप्रूव्ड हुए रकबे में विकास कार्य होने बाकी है। इस कारण लोगों को अपने भावी पार्षद से बेहद उम्मीदें हैं।
ये हैं मुख्य समस्याएं
- सीवरेज ब्लॉक होना।
- सीवरेज के मैनहोल टूटे पड़े हैं।
- गलियों का निर्माण नहीं हुआ।
- बिजली के तार लटक रहे हैं।
- सफाई व्यवस्था बेहतर नहीं है।
- बारिश के पानी की निकासी की समस्या।
- बेसहारा पशुओं की समस्या है।
- रात के समय सुरक्षित माहौल नहीं।
नशा अहम मुद्दा, सरेआम होती है तस्करी
शहर के बीचों बीच और लघु सचिवालय के बिल्कुल साथ लगने वाले वार्ड एक और दो के निवासी अपने आप को असहाय और असुरक्षित महसूस करते हैं। संवाददाता से बातचीत के दौरान क्षेत्रवासियों ने नाम न छपने की शर्त पर बताया कि वार्ड एक और दो में सबसे बड़ी समस्या नशे की है। वार्डों में नशा सरेआम बिकता है। नशेड़ियाें के कारण वार्डों में दंगे और मारपीट की घटनाओं सहित चोरी, लूटपाट होती है। यहां पर अपराधियों में पुलिस का कोई खौफ नहीं है।
वार्ड में कई काम हुए हैं लेकिन घरों के पास बिजली के खंबों की ऊंचाई कम होने के कारण वार्ड में बिजली के तार लटक रहे हैं। इस कारण हादसों का खतरा बना रहता है। - सुरेश सैनी, वार्ड 1
सीवरेज की समस्या मुख्य है। हर दो-तीन दिन बाद सीवरेज ओवरफ्लो हो जाता है। बारिश के दिनों में पानी की निकासी नहीं होती। इस कारण सड़कों पर पानी जमा रहता है। इसका स्थायी समाधान होना चाहिए। - संदीप गांधी, वार्ड नंबर 1
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तीन बार से एक पार्षद जीतते आए और काफी काम उन्होंने करवाए हैं। इस बार भी उम्मीद है कि वहीं मैदान में उतरेंगे और जो काम रह गए हैं, उन्हें पूर्ण करवाएंगे। -अंकुश सिंगला, वार्ड नंबर 1
विकास कार्यों को लेकर कोई कमी नहीं रहने दी गई है। एरिया अप्रूव्ड करवाया गया है। साढ़े तीन साल से चुनाव नहीं होने के कारण कुछ काम अधूरे रह गए थे। उनको भी पूरा करवाया गया।
राजेंद्र सिंह, पूर्व पार्षद
अभी तक हालातों में कुछ खास बदलाव नहीं हुआ है। सड़के टूटी हुईं हैं और पेयजल समस्या आज भी पहले जैसी ही है। कोई समाधान नहीं हुआ है। दोबारा चुनाव होने जा रहे है तो यही उम्मीद है कि सभी समस्याओं का समाधान होगा। सुरेंद्र शर्मा, वार्ड नंबर 2
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पिछली बार चुनाव लड़ चुका हूं। चुनाव में तीसरे स्थान पर रहा था। पिछले चुनाव में काफी मुद्दे थे। इस बार हमारा वार्ड महिला आरक्षित है। वार्ड में सीवरेज लीकेज, पीने के पानी की समस्या, टूटी सड़कें, टूटे सीवरेज के ढक्कन, सुरक्षित वातारण आदि मुख्य समस्याएं हैं। यहीं मुद्दे इस बार चुनावों में छाने वाले हैं। - आयुष , वार्डवासी दो
मैं पहली बार मतदान करूंगा। विकास कार्य करवाने वाले और साफ छवि वाले उम्मीदवार को वोट दूंगे। वार्ड में सीवरेज, पानी, स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाएं होनी चाहिए। सुरक्षित तौर पर लोग घूम सके। ऐसा माहौल होना चाहिए।
रोहित , वार्डवासी , प्रेम नगर