जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान निर्दोष लोगों पर दर्ज किए गए झूठे मुकदमों को खारिज करने की मांग को लेकर शनिवार को सातवें दिन भी जाट सेक्टर-19 में धरने पर डटे रहे। शनिवार को दलीप कस्वां, विनोद ढाका ने क्रमिक भूख हड़ताल रखी। इस दौरान पुलिस के जवानों की तैनाती रही।
अवकाश के बावजूद प्रशासनिक अधिकारी भी दिन भर धरनास्थल पर पहुंचे। उधर, जाट नेताओं ने अब गांवों का दौरा कर लोगों को धरना प्रदर्शन के प्रति जागरूक किया।
शनिवार को धरने की अध्यक्षता सर्व जाट संघ के प्रधान विकल पचार ने की। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक जाटों का धरना जारी रहेगा। धरने पर बैठे जाट समुदाय के लोगों ने कहा कि जाट आंदोलन के दौरान जिन लोगों पर झूठे मुकदमे बनाए गए थे, उनको खारिज करने की उनकी मुख्य मांग है।
धरनास्थल पर पुलिस तैनात रही। पचार ने कहा कि सुबह 10 से शाम चार बजे तक धरना जारी रहेगा। अवकाश होने के बावजूद आज धरने के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति की जायजा लिया। इस अवसर पर कृष्ण ढाका, कृष्ण झोरड़, प्रदीप सिंवर, विनोद ढाका, चिरंजी, ख्याली राम हंजीरा, धर्मवीर गोदारा, रविल सिंवर, विरेंद्र न्योल, प्रवेश सिंवर सहित अनेक लोग उपस्थित थे।
मुकदमों को खारिज करने की मांग
धरने में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शनिवार से गांवों में जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया गया है। पहले दिन रणधीर जोधकां ने गांव जोधकां, कुसुंबी, कंवरपुरा, शेरपुरा, फुलकां आदि गांवों में जाकर लोगों को धरने में शामिल होकर जाट समाज के निर्दोष लोगों पर बने मुकदमों को खारिज करवाने की मांग को बल दें।
विकल पचार ने बताया कि हमने धरना शुरू करते समय प्रशासन को बताया था कि मांग पूरी नहीं हुई तो एक सप्ताह बाद धरने पर बैठने वाले लोगों की संख्या बढ़ा दी जाएगी और शनिवार से जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया गया है, क्योंकि आज पूरा एक सप्ताह हो गया है। अब रविवार से धरने पर बैठने वालों की संख्या में बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी। इसके लिए विभिन्न जाट नेता अपने क्षेत्र में जाकर लोगों को निमंत्रण देंगे।