सिरसा। हरियाणा सरकार ने सीड्स और पेस्टीसाइड्स एक्ट 2025 लागू किया है। इसके विरोध में प्रदेश के बीज, पेस्टीसाइड्स निर्माता और विक्रेता मंगलवार को भी हड़ताल पर रहे। उनके प्रतिष्ठानों पर ताले लटके रहे जबकि उनके प्रधान ने सोमवार को 20 अप्रैल तक हड़ताल टालने की बात कही थी।
प्रधान के आह्वान पर शहर के सीड्स और पेस्टीसाइड्स एसोसिएशन दूसरे दिन हड़ताल में शामिल नहीं हुई। इस यूनियन ने मंगलवार को दुकानें खोल दीं। इससे खफा प्रदेशभर के बीज विक्रेता मंगलवार को सिरसा पहुंचे। बीज विक्रेताओं ने निजी रेस्टोरेंट में बैठक कर सिरसा के प्रधान को मनाने की कोशिश की।
उन्हें हरियाणा के साथ चलने का आह्वान किया लेकिन सिरसा के प्रधान राधे गांधी और हरियाणा के प्रधान हरमेश सिंह दुकानें खोलने की बात पर अड़े रहे। इस बीच उनकी सहमति नहीं बनी। प्रदेशभर के बीज विक्रेताओं ने सिरसा और हरियाणा के प्रधान का बहिष्कार कर दिया। प्रदेशभर के बीज विक्रेताओं ने कहा कि वे 14 अप्रैल तक दुकानें बंद रखेंगे।
बैठक में सिरसा और हरियाणा एसोसिएशन के प्रधान का बहिष्कार करने का फैसला लिया। सभी बीज विक्रेताओं ने कहा कि अभी एक सप्ताह के लिए हड़ताल की गई है। अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो हड़ताल अनिश्चितकाल में बदल दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि नए कानून का विरोध शुरू से किया जा रहा है। इसकी खामियों के बारे में भी सरकार को अवगत करा दिया था। इसके बावजूद सरकार ने कानून को वापस नहीं लिया और न ही विक्रेताओं और निर्माताओं की परेशानी को समझा गया। सीड्स और पेस्टीसाइड्स एक्ट 2025 कानून में व्यापारियों के खिलाफ असंगत धाराएं लगाने का प्रावधान किया गया है।
इस कारण अब यह कार्य संभव नहीं है। प्रदेशस्तर पर विरोध जताते हुए सात दिन तक हड़ताल का निर्णय लिया गया है। इस कारण सभी बीज, पेस्टीसाइड और खाद विक्रेता अपनी दुकानें बंद रखेंगे। अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो हड़ताल अनिश्चितकाल में बदल जाएगी लेकिन सिरसा शहर के बीज, पेस्टीसाइड और खाद विक्रेताओं ने सिर्फ एक दिन हड़ताल कर मंगलवार को दुकानें खोल दी हैं, जिसका हरियाणाभर के सीड्स विक्रेता विरोध करते हैं। इस बैठक में नरेश सिंगल, सुभाष बब्बर, पवन कुमार जींद, देवीराम नरवाना, सुरेंद्र गर्ग, सुरेंद्र उचाना, संदीप टोहाना, संदीप नरवाना, कैलाश भूना और जसबीर नैन आदि मौजूद थे।