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Sirsa News: प्रेम विवाह का खुमार पर सुरक्षा की गुहार

Thu, 04 Jun 2026 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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युवक-युवती शादी कर परिजनों से जान का खतरा बताकर पुलिस प्रोटेक्शन के लिए पहुंचे कोर्ट
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वर्ष 2010 में सत्र न्यायालय में मिलनी शुरू हुई थी पुलिस प्रोटेक्शन






हितेश चतुर्वेदी







सिरसा। जिले में प्रेम विवाह करने वाले युवक-युवतियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हर माह 25 से 30 युवक-युवतियां धार्मिक स्थलों में विवाह करने के बाद पुलिस सुरक्षा की मांग लेकर जिला सत्र न्यायालय या हाईकोर्ट पहुंच रहे हैं। पिछले 16 वर्षों में जिलेभर के 1459 युवक-युवतियां न्यायालय से सुरक्षा प्राप्त कर चुके हैं।





वर्ष 2010 में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पुलिस सुरक्षा देने की शक्ति जिला एवं सत्र न्यायालय को दी थी। हाईकोर्ट ने यह फैसला कैथल में वर्ष 2007 में हुए मनोज-बबली हत्याकांड के बाद लिया था। हाईकोर्ट ने जब सत्र न्यायालय को पुलिस प्रोटेक्शन की शक्ति प्रदान की तो सिरसा ही प्रदेश में ऐसा पहला जिला बना जहां युवक-युवतियों को पहली बार पुलिस प्रोटेक्शन मिली।
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शुरू में प्रेमी जोड़े को सुरक्षा गार्ड दिए जाने लगे। बाद में पुलिस लाइन में सेफ हाउस बना दिया गया। वर्ष 2010 से 2016 तक प्रेम विवाह की बढ़ती संख्या के बीच प्रेमी-प्रेमिका की शादी करवाने व उन्हें पुलिस सुरक्षा दिलाने का दावा करने वाला एक गिरोह भी सक्रिय हो गया था। यह गिरोह धार्मिक स्थलों में विवाह करवाकर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर देता था।
मामले का खुलासा होने के बाद वर्ष 2017 में जिला एवं सत्र न्यायालय ने सख्ती बरतते हुए केवल पंजीकृत धार्मिक स्थलों द्वारा जारी विवाह प्रमाण पत्र के आधार पर ही पुलिस सुरक्षा देने की प्रक्रिया शुरू की।






वर्ष 2026 में अब तक 193 युवक-युवती कर चुके हैं प्रेम विवाह

कोरोना महामारी के दौरान वर्ष 2020 में 61 युवक-युवतियों ने प्रेम विवाह कर पुलिस प्रोटेक्शन प्राप्त की। अब फिर घर से भागकर विवाह करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। वर्ष 2025 में 303 युवक-युवतियों ने प्रेम विवाह करके स्वयं की जान को परिजनों से खतरा बताया। वर्ष 2026 में अब तक प्रेम विवाह करने वाले युवक-युवतियों की संख्या 193 तक पहुंच चुकी है।






ज्यादातर जोड़े सेफ हाउस नहीं जाना चाहते

ज्यादातर मामलों में प्रेम विवाह करने वाले जोड़े न्यायालय से अंडर प्रोटेक्शन मांगते हैं ताकि उन्हें सेफ हाउस में न जाना पड़े। यह सुरक्षा इसलिए होती है कि जब भी उन्हें खतरा महसूस हो वे एसपी या संबंधित थाना प्रभारी को फोन करके तुरंत पुलिस सुरक्षा हासिल कर सकें।






खाने-पीने की व्यवस्था स्वयं करनी पड़ती है

बरनाला रोड स्थित सेफ हाउस में तीन कमरे हैं। यहां पर पुलिस सुरक्षा में प्रेमी-प्रेमिका को रखा जाता है। यहां भोजन, चाय व नाश्ते की व्यवस्था प्रेमी-प्रेमिका को खुद से करनी पड़ती है। वे खुद लेने के लिए बाहर जा नहीं सकते। इसलिए ऑनलाइन ऑर्डर करके हर चीज मंगवानी पड़ती है। संवाद







कोट्स

बड़ी संख्या में युवक-युवती धार्मिक स्थलों पर शादी करके न्यायालय में पुलिस सुरक्षा लेने आ रहे हैं। शादी करने के बाद इनको घरवालों से खतरा होता है। न्यायालय की ओर से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें प्रोटेक्शन हाउस में भेज दिया जाता है।
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-ज्योति बतरा, महिला अधिवक्ता, सिरसा।





कोट्स

धार्मिक स्थलों पर शादी करके कई युवक-युवतियां न्यायालय में सुरक्षा लेने आ रहे हैं। यह संख्या लगातार बढ़ रही है। दूसरी तरफ यह भी सच है कि यह रिश्ता दो साल तक भी नहीं टिक पा रहा। यह काफी चिंता का विषय है। आज के युवा वर्ग को जागरूक करने की जरूरत है।

-एडवोकेट गंगाराम ढाका, प्रधान बार एसोसिएशन सिरसा।
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