नपा की ओर से शहर में पांच जगह पर लगाई गई ट्रैफिक लाइटों के कई वर्षों से खराब लाइटों की दोबारा मरम्मत कराए जाने की अनुमति के लिए टेंडर को एसडीएम ने वापस करते हुए आपत्ति जताई है।
एसडीएम ने आवेदन को वापस नगर परिषद भेजते हुए सवाल किए कि पूर्व में इन ट्रैफिक लाइटों को कब ठीक करवाया गया, उस पर कितना खर्चा आया, किस ठेकेदार को ठेका दिया गया। ठीक होने के कितने दिन बाद ट्रैफिक लाइट फिर से खराब हुई, यदि ठीक होने के एक साल के भीतर लाइटें खराब हुई तो उसी ठेकेदार से उन्हें ठीक क्यों नहीं करवाया गया आदि जैसे सवाल किए हैं। अब इस संबंध में नगर परिषद के अधिकारी ट्रैफिक लाइटों से संबंधित अपने रिकॉर्ड को खंगालने में जुटे हैं ताकि एसडीएम को उत्तर दिए जा सकें। इसके बाद आवेदन वापस एसडीएम के पास भेजकर टेंडर की अनुमति हासिल कर जल्द से जल्द उसे आवंटित कर ट्रैफिक लाइटों को दुरुस्त करवाया जा सके।
नई लगाई ट्रैफिक लाइटों में धांधली की बू
गौरतलब है कि सिरसा शहर में करीब 10 साल पहले सांगवान चौक, टाऊन पार्क के सामने तथा बरनाला रोड पर रेस्ट हाऊस के साथ ट्रैफिक लाइटों को लगाया गया था जो कि करीब तीन साल से खराब पड़ी हैं। वहीं गत वर्ष 20-20 लाख रुपये की लागत से नई ट्रैफिक खरीदकर अंबेडकर चौक तथा शाह सतनाम सिंह चौक पर लगाई गई थी, जो इस समयावधि में एक बार भी नहीं जली। ये दोनों ट्रेफिक लाइटें तत्कालीन ईओ बीएन भारती के कार्यकाल के दौरान लगाई थी, जिन पर गलियां बनाने में धांधली बरतने और गबन के आरोप हैं और मामला कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में यदि इन दोनों ट्रैफिक लाइट की खरीद मामले की भी जांच करवाई जाए तो गबन का एक और मामला उजागर हो सकता है क्योंकि दोनों ट्रैफिक लाइटें लगाने के बाद से एक बार भी नहीं जली।